शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी शिक्षक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में शिक्षक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करते हुए गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों पर तंज कसते नजर आ रहे हैं।
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वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। इस फैसले के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बन गया है।
जानकारी के मुताबिक, सेमरखेड़ी बैराड़ में पदस्थ शासकीय शिक्षक साकेत पुरोहित का यह वीडियो एक दिन पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हुआ था। वीडियो तेजी से लोगों के बीच फैल गया और कुछ ही समय में यह मामला जिला प्रशासन तक पहुंच गया।
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मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर ने इसे गंभीर मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने वीडियो देखने के बाद इसे अनुशासनहीनता मानते हुए शिक्षक के निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी कर्मचारी होने के नाते इस तरह के वीडियो बनाना सेवा नियमों के खिलाफ है। इसी आधार पर साकेत पुरोहित के खिलाफ कार्रवाई की गई।
वायरल वीडियो में शिक्षक व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रधानमंत्री की शैली में बोलते नजर आ रहे हैं। वह गैस सिलेंडर की कीमतों और उससे जुड़ी परेशानियों का जिक्र करते हुए कहते दिखाई देते हैं कि LPG गैस पर बना खाना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है, इसलिए लोगों को चूल्हे पर बना भोजन खाना चाहिए।
वीडियो में उनकी भाषा और अंदाज पूरी तरह व्यंग्यात्मक है। वह गैस की कीमतों और लोगों की परेशानियों पर अपनी राय जाहिर करते हुए दिखते हैं। यही कारण है कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
बताया जा रहा है कि शिक्षक ने यह वीडियो उन लोगों की परेशानी को लेकर बनाया था, जो LPG गैस के कारण लंबी-लंबी लाइनों में खड़े होने को मजबूर हो रहे हैं। कई जगहों पर गैस सिलेंडर की किल्लत और बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
इसी मुद्दे को लेकर शिक्षक ने व्यंग्यात्मक अंदाज में अपनी बात रखने की कोशिश की थी। हालांकि, प्रशासन ने इसे सरकारी कर्मचारी के आचरण के खिलाफ मानते हुए कार्रवाई कर दी।
इस मामले के सामने आने के बाद कई लोगों ने सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि देश में पहले भी कई कलाकार और लोग सार्वजनिक मंचों पर नेताओं की मिमिक्री करते रहे हैं, लेकिन इस तरह की सख्त कार्रवाई कम ही देखने को मिलती है।
फिलहाल शिक्षक साकेत पुरोहित के निलंबन के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आगे चलकर इस मामले में क्या फैसला होता है।