भोपाल:अयोध्या बायपास प्रोजेक्ट को NGT की मंजूरी, पर्यावरणीय शर्तों के साथ आगे बढ़ेगा काम

NGT की नई दिल्ली बेंच ने भोपाल के अयोध्या बायपास प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है। हालांकि अधिकरण ने साफ कहा है कि NHAI को पर्यावरण से जुड़ी सभी शर्तों और नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। यह मामला भोपाल के पर्यावरणविद नितिन सक्सेना की ओर से दायर याचिका के बाद NGT पहुंचा था। याचिका में बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई का विरोध किया गया था।
16 किमी लंबा होगा 10 लेन प्रोजेक्ट
NHAI भोपाल के अयोध्या बायपास को आसाराम चौराहा से रत्नागिरि तिराहे तक 10 लेन में विकसित कर रहा है। करीब 16 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर लगभग ₹836.91 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। इस परियोजना के लिए कुल 7871 पेड़ों की कटाई प्रस्तावित है। इनमें कई पेड़ों की उम्र 40 से 80 साल तक बताई गई है। पिछले साल दिसंबर में तीन दिनों के भीतर बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए थे जिसके बाद पर्यावरणविदों और सामाजिक संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया था। मामला बाद में NGT पहुंचा और पेड़ों की कटाई पर अस्थायी रोक लगा दी गई थी।
NHAI ने क्या दलील दी
सुनवाई के दौरान NHAI ने अधिकरण को बताया कि यह राष्ट्रीय महत्व का प्रोजेक्ट है। एजेंसी का कहना था कि भोपाल में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक दबाव, ब्लैक स्पॉट और जाम की समस्या को कम करने के लिए यह सड़क चौड़ीकरण जरूरी है। NHAI ने यह भी कहा कि वृक्ष कटाई के लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति ली जा चुकी है और प्रतिपूरक पौधारोपण पर्यावरणीय नियमों के तहत किया जाएगा।
NGT ने लगाए कई अहम निर्देश
NGT ने दस्तावेजों और दलीलों पर विचार करने के बाद माना कि वृक्ष कटाई की अनुमति में कोई अवैधता नहीं है। हालांकि अधिकरण ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। इनमें कहा गया है कि मध्यप्रदेश वृक्ष संरक्षण कानून और पर्यावरणीय नियमों का पूरी तरह पालन किया जाए। साथ ही ग्रीन हाईवे नीति के तहत प्रतिपूरक वृक्षारोपण और पौधों के संरक्षण का काम सुनिश्चित किया जाए।
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15 साल तक होगी निगरानी
अधिकरण ने वन विभाग, नगर निगम, उद्यानिकी विभाग और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त तकनीकी समिति बनाने के निर्देश दिए हैं। यह समिति 15 वर्षों तक पौधारोपण और पौधों के संरक्षण की निगरानी करेगी। NGT ने यह भी कहा कि CAMPA फंड और पौधारोपण पर खर्च की गई राशि का पूरा विवरण NHAI पेश करे।
81 हजार पौधे लगाए जाएंगे
NHAI ने अधिकरण को बताया कि 7871 पेड़ों की कटाई के बदले कुल 81 हजार पौधे लगाए जाएंगे। करीब 10 हजार पौधे अयोध्या बायपास के दोनों ओर लगाए जाएंगे, जिनमें छायादार और फलदार प्रजातियां शामिल होंगी। इसके अलावा झिरनिया और जागरियापुर क्षेत्र में 61 हजार से ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे। इस क्षेत्र को विकसित वन क्षेत्र के रूप में तैयार किया जाएगा। NHAI ने कहा कि इन पौधों की देखरेख अगले 15 वर्षों तक की जाएगी, जिस पर करीब ₹20 करोड़ खर्च होंगे।
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पर्यावरणविदों ने जताई चिंता
पर्यावरणविद् सुभाष सी. पांडे, उमाशंकर तिवारी, नितिन सक्सेना, राशिद नूर और अन्य लोगों ने पेड़ों की कटाई का विरोध करते हुए कहा कि 40 से 100 साल पुराने पेड़ों को काटकर शहर की हरियाली खत्म की जा रही है। उन्होंने सुझाव दिया था कि 10 लेन सड़क की जगह एलिवेटेड कॉरिडोर या कम चौड़ाई वाले विकल्प पर विचार किया जा सकता था। कांग्रेस नेताओं ने भी इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया था और मास्क पहनकर प्रदर्शन कर पेड़ों की कटाई का विरोध जताया था।












