Jabalpur News :हार्ट प्रॉब्लम के कारण 10 दिन की मासूम को जबलपुर से मुंबई किया एयरलिफ्ट

जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर में गुरुवार को मानवता और त्वरित प्रशासनिक सूझबूझ की एक बेहद भावुक और सराहनीय मिसाल देखने को मिली। जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित शहडोल जिला निवासी विक्रम दाहिया की मात्र 10 दिन की मासूम बालिका को गुरुवार शाम 4 बजे विशेष एयर एम्बुलेंस के जरिए उन्नत इलाज के लिए मुंबई के नारायणा हॉस्पिटल रवाना किया गया। जबलपुर कलेक्टर के सीधे निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीम ने इस बेहद चुनौतीपूर्ण मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
योजनाओं के समन्वय से मिला जीवनदान
मासूम की नाजुक स्थिति को देखते हुए परिजनों ने तत्काल जबलपुर RBSK प्रबंधक सुभाष शुक्ला से संपर्क साधा था। इसके बाद प्रशासन ने तेजी से एक्शन लिया। जबलपुर मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप जैन से बच्ची की मेडिकल स्थिति पर समन्वय किया गया। खास बात ये रही कि इस पूरे जीवनरक्षक मिशन में चिकित्सा अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच सटीक तालमेल रहा।
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मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना और आयुष्मान में होगा इलाज
मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना और आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत बच्ची को बिना किसी देरी के बेहद खर्चीली एयरलिफ्ट की सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क मिल सकी। इस दौरान शहडोल आरबीएसके प्रबंधक कंचन पटेल और मुंबई के नारायणा हॉस्पिटल के बीच लगातार संपर्क साधकर सभी औपचारिकताएं रिकॉर्ड समय में पूरी की गईं।
डुमना विमानतल पर डटे रहे आला अधिकारी
गुरुवार शाम जब मासूम को एयरलिफ्ट किया जा रहा था, तब डुमना एयरपोर्ट पर प्रशासनिक और मेडिकल अमला पूरी तरह मुस्तैद रहा। मौके पर जबलपुर सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनीता उप्पल, डीईआईएम सुभाष शुक्ला, श्रेया अवस्थी, विकास श्रीवास्तव तथा आरबीएसके टीम से धवल त्रिवेदी मौजूद रहे।
बच्ची को ले जाते समय भावुक हो उठे परिजन
बच्ची को एयर लिफ्ट किए जाने के समय मेडिकल व्यवस्थाओं को लेकर बच्ची की मां रुक्मिणी और पिता विक्रम दाहिया भावुक हो उठे। बच्ची के साथ गए मौसा अजय दाहिया ने बताया कि 6.30 बजे वे मुबंई पहुंच गए थे। शहडोल से लेकर मुंबई अस्पताल में भर्ती कराने तक प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का भरपूर सहयोग मिला।












