सीहोर कॉलेज में अंबेडकर की तस्वीर हटाने का आरोप, NSUI का प्रदर्शन; प्राचार्य के निलंबन की मांग

सीहोर। प्रधानमंत्री एक्सीलेंस शासकीय पीजी कॉलेज सीहोर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर को लेकर विवाद ने मंगलवार को राजनीतिक रंग ले लिया। तस्वीर हटाए जाने के आरोप को लेकर एनएसयूआई ने कॉलेज परिसर में धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया। संगठन ने कॉलेज प्राचार्य पर बाबा साहेब के अपमान का आरोप लगाते हुए उच्च शिक्षा विभाग से उन्हें तत्काल निलंबित करने की मांग की। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा।
तस्वीर हटाने के आरोप पर आक्रोश
एनएसयूआई का आरोप है कि कॉलेज प्राचार्य ने अपने कक्ष में लगी संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर को वहां से हटाकर बाहर कर दिया। संगठन का कहना है कि महापुरुषों की तस्वीरों के सम्मान से जुड़ा यह मामला गंभीर है। इसी को लेकर छात्र संगठन ने कॉलेज परिसर में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
हाथों में गांधी-अंबेडकर की तस्वीरें लेकर प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ता हाथों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें लेकर कॉलेज परिसर में पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। इस दौरान कॉलेज प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश भी जताया गया।
हरिओम सिसोदिया के नेतृत्व में धरना
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष हरिओम सिसोदिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में धरना प्रदर्शन किया। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का सम्मान संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा विषय है। ऐसे मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
पहले भी विरोध दर्ज कराने का दावा
एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि कॉलेज में बाबा साहेब के कथित अपमान से जुड़े मामले को लेकर संगठन पहले भी विरोध दर्ज करा चुका है। इसके बावजूद अब दोबारा तस्वीर हटाने का मामला सामने आने पर कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। संगठन ने प्रशासन से पूरे मामले की तथ्यात्मक और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
प्राचार्य के निलंबन की मांग
एनएसयूआई ने उच्च शिक्षा विभाग से कॉलेज प्राचार्य को तत्काल निलंबित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि जांच के दौरान जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब के सम्मान से जुड़े मामले में प्रशासन को गंभीरता दिखानी चाहिए।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में प्राचार्य के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर निलंबन सहित उचित कार्रवाई की मांग रखी गई। संगठन ने प्रशासन से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करने की मांग की।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
एनएसयूआई नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्राचार्य कक्ष में महापुरुषों की तस्वीरें सम्मानपूर्वक स्थापित नहीं की गईं और मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाएगा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि आगामी आंदोलन के लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा।
युवा कांग्रेस पदाधिकारी भी रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष देवेन्द्र ठाकुर, उपाध्यक्ष मनीष मेवाड़ा, यश यादव, प्रमोद वर्मा, अनुभव सेन, नैन्सी, ईशा, प्रशान्त मालवीय, दिव्यांश मालवीय, विष्णु मालवीय, रुद्र वर्मा, रवि सेन सहित बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन ने कहा कि बाबा साहेब के सम्मान और संविधान के मूल्यों से जुड़े मुद्दे पर आंदोलन जारी रहेगा।




















