Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

मौत के बाद भी तीन जिंदगियों में जिंदा रहेंगी शिवानी, नर्मदापुरम के गांव खापा में गार्ड ऑफ ऑनर देकर किया सम्मानित

नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी के पास स्थित खापा खुर्द की बिलाश टांटी शर्मा (शिवानी) ने दुनिया से विदा होने के बाद भी तीन लोगों को नया जीवन दिया। सड़क दुर्घटना के बाद ब्रेन डेड घोषित होने पर परिजनों ने अंगदान का फैसला लिया। मध्यप्रदेश पुलिस ने पैतृक गांव में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया।
मौत के बाद भी तीन जिंदगियों में जिंदा रहेंगी शिवानी, नर्मदापुरम के गांव खापा में गार्ड ऑफ ऑनर देकर किया सम्मानित
भोपाल। एम्स मे अंगदान के बाद शिवानी की देह परिजनों को सौंपी गई।

भोपाल। नर्मदापुरम जिले के छोटे से गांव खापा खुर्द की बेटी बिलाश टांटी शर्मा (शिवानी) भले ही इस दुनिया में नहीं रहीं, लेकिन उनके अंगदान ने तीन लोगों को जिंदगी की नई उम्मीद दे दी। सड़क दुर्घटना के बाद ब्रेन डेड घोषित होने पर परिजनों ने गहरे दुख के बीच अंगदान का साहसिक फैसला लिया। भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में हुए अंगदान से तीन लोगों को नया जीवन पाने का अवसर मिला। परिवार के इस संवेदनशील निर्णय ने साबित कर दिया कि इंसानियत का रिश्ता जीवन की अंतिम सांस के बाद भी कायम रह सकता है।

सीएम ने कहा-परिवार के फैसले ने मिसाल पेश की

X Post

शिवानी के इस योगदान और उनके परिजनों के फैसले की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सराहना की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  एक्स पर उन्होंने कहा कि अपनों को खोने के असहनीय दुख के बीच अंगदान का निर्णय लेना बेहद प्रेरणादायक है। बिलाश टांटी शर्मा (शिवानी) के एम्स, भोपाल में अंगदान से तीन लोगों को जीवन का अनमोल उपहार मिला है। असहनीय दुःख की घड़ी में उनके परिजनों ने अंगदान का निर्णय लेकर मानवता, संवेदनशीलता और परोपकार की ऐसी मिसाल पेश की, जो सभी को प्रेरित करेगी। राज्य शासन के निर्णय अनुसार शिवानी के पैतृक गांव में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें सम्मानित किया गया। यह पहल दर्शाती है कि अंगदान के प्रति जागरूकता अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव ला रही है और समाज में जीवन बचाने के इस पुनीत कार्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ रही है। शिवानी का यह महादान तीन परिवारों के जीवन में नई उम्मीद बनकर आया है। उनका योगदान मानवता के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।

ये भी पढ़ें: ब्रेन डेड मजदूर के अंगदान से दो मरीजों को नई जिंदगी, जबलपुर से इंदौर तक बना ग्रीन कॉरिडोर 

गार्ड ऑफ ऑनर कृतज्ञता का प्रतीक

शिवानी मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले की बनखेड़ी तहसील के ग्राम खापा खुर्द की निवासी थीं। उनके अंगदान और परिजनों के इस मानवीय फैसले के सम्मान में राज्य शासन के निर्णय के अनुसार, मध्यप्रदेश पुलिस ने उनके पैतृक गांव में गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। यह सम्मान शिवानी के योगदान और उनके परिवार के साहसिक निर्णय के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक बना। शिवानी अब भले ही अपने परिवार के बीच नहीं हैं, लेकिन तीन लोगों को मिले नए जीवन और अंगदान के संदेश के जरिए उनकी स्मृति हमेशा जीवित रहेगी। 

ये भी पढ़ें: अंगदान के लिए संकल्प लेने में भोपाल देश में सबसे आगे, यहां एक माह में 3 हजार से अधिक लोगों ने भरे फॉर्म

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

Latest Posts