बुजुर्ग महिलाओं के पढ़ने के जज्बे ने जीता अनिल कपूर का दिल, शीतल को कहा जादूगरनी

शीतल ने बताया कि उम्र से जुड़ी मुश्किलों के बावजूद उनकी छात्राएं बचपन में अधूरे रह गए पढ़ाई के सपने को पूरा कर रही हैं। उनकी लगन और सीखने के जज़्बे से भावुक हुए अनिल कपूर ने शीतल को जादूगरनी कहा और बुज़ुर्ग महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
बुज़ुर्ग महिलाओं की पढ़ाई की कहानी ने छुआ दिल
स्टार प्लस के इंडिया के टॉप 1% में शीतल ने बुज़ुर्ग महिलाओं की पढ़ाई से जुड़ा अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे उनकी छात्राएं उम्र से जुड़ी मुश्किलों के बावजूद बचपन में अधूरा रह गया पढ़ाई का सपना पूरा कर रही हैं।
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याददाश्त और नजर की परेशानियों के बावजूद सीखने का जज्बा
शीतल ने बताया कि उनकी छात्राओं को याददाश्त, नजर और सुनने से जुड़ी परेशानियां हैं, लेकिन इसके बावजूद वे पूरे उत्साह से पढ़ाई करती हैं। ये महिलाएं पढ़ने के साथ-साथ खेलकूद में भी हिस्सा लेती हैं। उनकी लगन देखकर अनिल कपूर भावुक हो उठे।

अनिल कपूर ने शीतल को कहा जादूगरनी
शीतल के प्रयासों की सराहना करते हुए अनिल कपूर ने कहा, बच्चों को सिखाना मुश्किल होता है, लेकिन बुज़ुर्गों को सिखाना और भी ज़्यादा मुश्किल होता है। इन महिलाओं को उनका बचपन फिर से जीने का मौका देने के लिए उन्होंने शीतल को जादूगरनी कहा।
छात्राओं ने वीडियो संदेश से अनिल कपूर को दिया न्योता
यह पल तब और खास बन गया, जब बुज़ुर्ग छात्राओं ने वीडियो संदेश के जरिए अनिल कपूर को जल्द अपने स्कूल आने का न्योता दिया। इस पर अनिल ने मराठी में कहा, आजी शिकली, प्रगती झाली, यानी दादी ने पढ़ाई की, तो तरक्की की राह खुली।
छात्राओं की तस्वीर के सामने झुककर किया सम्मान
बुज़ुर्ग महिलाओं के पढ़ाई के प्रति जज़्बे को सलाम करते हुए अनिल कपूर उनकी तस्वीर के सामने झुके और तस्वीर में उनके पैर छूकर सम्मान व्यक्त किया। यह भावुक पल महिलाओं की मेहनत, सीखने की लगन और शीतल के प्रयासों के प्रति सम्मान का प्रतीक बना।
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