गरियाबंद में ABVP का हल्लाबोल, देवभोग कॉलेज का घेराव,10 मांगों पर अड़े विद्यार्थी

रायपुर/गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के देवभोग स्थित पंडित श्यामशंकर मिश्र महाविद्यालय में विद्यार्थियों की मूलभूत समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने मोर्चा खोल दिया। कॉलेज प्रबंधन को पहले अल्टीमेटम देने के बावजूद मांगों पर ठोस पहल नहीं होने का आरोप लगाते हुए जिला संयोजक क्षितिज नारायण तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय का घेराव किया। पुलिस की समझाइश और प्राचार्य के साथ बातचीत के बाद भी प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
अल्टीमेटम के बाद घेराव, कॉलेज परिसर में डटे विद्यार्थी
विद्यार्थी परिषद का आरोप है कि महाविद्यालय में लंबे समय से विद्यार्थियों को जरूरी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। पहले ज्ञापन और अल्टीमेटम के माध्यम से समस्याओं के समाधान की मांग की गई, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया गया। कॉलेज घेराव के दौरान पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि, विद्यार्थी अपनी मांगों पर अडिग रहे। उनका कहना था कि केवल आश्वासन देने के बजाय समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

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प्राचार्य से बातचीत, लेकिन मांगों पर नहीं बनी सहमति
प्रदर्शन के दौरान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वीणा ठाकुर मौके पर पहुंचीं। इसके बाद ABVP कार्यकर्ताओं और प्राचार्य के बीच विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर चर्चा हुई। काफी बातचीत के बाद कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगें प्रबंधन के सामने रखीं, लेकिन निराकरण को लेकर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता महाविद्यालय परिसर में ही बैठ गए। संगठन का कहना है कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए बुनियादी सुविधाओं का होना जरूरी है।
पुस्तकालय, पानी, शौचालय और CCTV—10 मांगों पर आंदोलन
ABVP ने महाविद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए 10 सूत्रीय मांगें रखी हैं। इनमें विद्यार्थियों की रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर परिसर की सुरक्षा और शैक्षणिक सुविधाओं तक के मुद्दे शामिल हैं।

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विद्यार्थी परिषद की प्रमुख मांगें:
पुस्तकालय: विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं।
पेयजल: स्वच्छ पानी के लिए वाटर कूलर की व्यवस्था की जाए।
शौचालय: शौचालयों की मरम्मत और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित हो।
पार्किंग: दोपहिया वाहनों के लिए उचित पार्किंग स्थल बनाया जाए।
विद्यार्थियों से व्यवहार: विद्यार्थियों के साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायतों पर कार्रवाई हो।
NSS इकाई: राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई को दोबारा शुरू किया जाए।
सुरक्षा: महाविद्यालय परिसर में CCTV कैमरे लगाए जाएं।
स्वच्छता: परिसर में गुटखा खाकर थूकने पर रोक लगाने के लिए कदम उठाए जाएं।
फर्नीचर: कक्षाओं में पर्याप्त टेबल-कुर्सियों की व्यवस्था हो।
पंखों की मरम्मत: खराब पंखों को ठीक कराकर कक्षाओं में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उच्च अधिकारी के पहुंचने तक धरना जारी रखने का ऐलान
ABVP कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों के समाधान के लिए उचित पहल नहीं होती और कोई उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्याओं पर ठोस कार्रवाई की दिशा में कदम नहीं उठाता, तब तक वे महाविद्यालय परिसर से नहीं हटेंगे। विद्यार्थी परिषद का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं दिलाना है। संगठन ने संकेत दिया कि केवल समझाइश या सामान्य आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
अब कॉलेज प्रबंधन के अगले कदम पर नजर
देवभोग महाविद्यालय में हुए इस प्रदर्शन के बाद अब कॉलेज प्रबंधन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। विद्यार्थियों की 10 सूत्रीय मांगों पर कब और किस स्तर पर निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजर है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ABVP कार्यकर्ता मांगों के निराकरण को लेकर आंदोलन पर डटे हुए हैं।




















