Bangladesh Political Crisis : शेख हसीना का डिप्लोमेटिक पासपोर्ट रद्द, आइए जानते हैं आम आदमी पर ऐसी कार्रवाई का क्या असर पड़ता है…

बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के डिप्लोमेटिक पासपोर्ट को रद्द कर दिया है। तख्तापलट के बाद से ही शेख हसीना भारत में मौजूद हैं। बांग्लादेश के आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि शेख हसीना किसी भी राजनीतिक पद पर नहीं हैं, ऐसे में उन्हें डिप्लोमेटिक पासपोर्ट रखने का अधिकार नहीं है। भारतीय वीजा नियमों के तहत अगर किसी बांग्लादेशी नागरिक के पास डिप्लोमेटिक पासपोर्ट है तो वह भारत नें 45 दिनों तक बिना वीजा के रह सकता है। डिप्लोमेटिक पासपोर्ट रद्द होने के बाद अब शेख हसीना की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसे में यह भी देखना होगा कि क्या इस वजह से शेख हसीना को बांग्लादेश वापस जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
आइए जानते हैं पासपोर्ट रद्द होने की स्थिति में क्या होता है
- अगर किसी व्यक्ति का पासपोर्ट रद्द किया गया है तो उसका विदेश यात्रा का अधिकार तत्काल प्रभान से खत्म कर दिया जाता है।
- पासपोर्ट रद्द करते समय अगर वह व्यक्ति विदेश में है तो उसे तुरंत उसके देश वापस भेज दिया जाएगा।
- अगर किसी जुर्म के कारण अथवा अन्य ऐसी किसी परिस्थिति के कारण पासपोर्ट रद्द हुआ है तो विदेश में उसकी गिरफ्तारी भी की जा सकती है।
- गलत जानकारी या अनैतिक तरीके से पासपोर्ट बनवाने पर भी पासपोर्ट रद्द कर दिया जाता है।
- इस दौरान एक समयसीमा तक पासपोर्ट जारी करने पर रोक लगाई जा सकती है।
- एक देश दूसरे देश को सूचित कर उस विशेष व्यक्ति पर भविष्य में प्रतिबंध लगा सकता है या प्रतिबंध लगा हुआ है तो उसे बढ़ाया जा सकता है।
- सारी कार्रवाई इस बात पर भी निर्भर करती है कि व्यक्ति के देश ने उसका पासपोर्ट रद्द क्यों किया।
- अगर व्यक्ति किसी बड़े अपराध में संलिप्त पाया जाता है तो दोबारा उसका पासपोर्ट जारी नहीं किया जाता है।
- पासपोर्ट रद्द होने के बाद हालात सामान्य होने पर भी, भविष्य में व्यक्ति की विदेश यात्राएं प्रभावित हो सकती हैं और साथ ही दूसरे देश का वीजा मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
- किसी व्यक्ति की विदेश यात्रा अगर उसके व्यवसाय से जुड़ी हुई हो तो उसके बिजनेस पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।





















