सीहोर: नशे को ना, जिंदगी को हां... महिला पॉलीटेक्निक की छात्राओं ने कविता-नाटक से दिया बड़ा संदेश

सीहोर। युवा ऊर्जा को नशे से दूर रखकर शिक्षा, खेल, रचनात्मकता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाने के संदेश के साथ शासकीय महिला पॉलीटेक्निक महाविद्यालय, सीहोर के छात्रावास परिसर में ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। माय भारत सीहोर एवं हिताय संस्था के सहयोग से हुए कार्यक्रम में छात्राओं ने नशे के दुष्परिणामों को अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए प्रभावी ढंग से सामने रखा।
नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं और युवाओं को नशे के व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में सुश्री प्रशंका जैन, डॉ. नूपुर, सुश्री अंशिका जैन, असिस्टेंट डायरेक्टर SAI भोपाल, उमेश पंसारी सहित महाविद्यालय की छात्राओं और युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
शिक्षा और राष्ट्र निर्माण की ओर बढ़ें युवा
अतिथियों ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशे की लत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करती, बल्कि इसका असर परिवार और पूरे समाज पर पड़ता है। युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को नशे से दूर रखते हुए शिक्षा, खेल, रचनात्मक गतिविधियों और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में लगाया जाना जरूरी है। उन्होंने छात्राओं से स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
कविता और भाषण में दिखी जागरूकता की आवाज
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच मिला। कविता पाठ, भाषण, स्लोगन लेखन, पोस्टर निर्माण, नाटक और गायन सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों में नशे से होने वाले नुकसान, परिवारों पर पड़ने वाले प्रभाव और नशामुक्त समाज की आवश्यकता को प्रभावशाली तरीके से सामने रखा।
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नाटक और पोस्टर ने छोड़ी गहरी छाप
विशेष रूप से नाटक, पोस्टर और स्लोगन के माध्यम से नशे के सामाजिक दुष्परिणामों को सरल लेकिन प्रभावी अंदाज में प्रस्तुत किया गया। छात्राओं की प्रस्तुतियों में संदेश दिया गया कि युवा शक्ति को नशे की गिरफ्त में जाने के बजाय अपनी प्रतिभा और ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाना चाहिए। प्रस्तुतियों ने स्वस्थ जीवनशैली और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी।
उत्कृष्ट प्रतिभागियों का हुआ सम्मान
विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं कार्यक्रम में शामिल अतिथियों को महाविद्यालय की ओर से स्मृति चिह्न भेंट किए गए। सम्मान के दौरान छात्राओं में उत्साह दिखाई दिया और उन्होंने सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर अपनी भागीदारी जारी रखने का संकल्प लिया।
मानव श्रृंखला से दिया एकजुटता का संदेश
कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली दृश्य समापन अवसर पर देखने को मिला, जब छात्राओं और युवाओं ने सामूहिक रूप से मानव श्रृंखला बनाई। हाथों में हाथ थामकर प्रतिभागियों ने नशे के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया। इस दौरान नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया गया। छात्राओं ने स्वयं नशे से दूर रहने के साथ परिवार, मित्रों और समाज में भी नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
सकारात्मक युवा शक्ति से विकसित भारत का संकल्प
महाविद्यालय प्रशासन ने कहा कि युवाओं में सकारात्मक सोच, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नशामुक्त युवा स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की मजबूत नींव बन सकते हैं। कार्यक्रम ने छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़ने का अवसर भी दिया।
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डॉ. स्मिता शर्मा की सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम में महाविद्यालय की डॉ. श्रीमती स्मिता शर्मा, प्रभारी विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग एवं नोडल अधिकारी के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के सफल आयोजन और समन्वय में उनकी सक्रिय भूमिका रही। माय भारत सीहोर, हिताय संस्था, महाविद्यालय प्रशासन और संबंधित सहयोगियों के प्रयासों से कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। अंत में सभी अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं और प्रतिभागी छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।




















