PU Special :करवाचौथ पर खत्म हुई रिश्तों की कड़वाहट, भोपाल में 6 परिवार फिर साथ आए; प्रदेश में 29 जोड़ों में सुलह

पल्लवी वाघेला, भोपाल। छह परिवारों के बीच दोबारा सुलह हुई और अलगाव की कगार पर पहुंचे दंपतियों ने साथ रहने का फैसला किया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी करीब 29 परिवारों के बीच इसी तरह समझौता होने की जानकारी सामने आई है। ज्यादातर मामलों में फैमिली कोर्ट के जज और काउंसलर की सलाह पर पति-पत्नी ने सालों बाद साथ त्योहार मनाया।
करवाचौथ ने फिर जोड़े टूटते रिश्ते
कई दंपतियों के बीच पति का समय नहीं देना, पत्नी की शिकायतें और आपसी नाराजगी विवाद की वजह बनी। धीरे-धीरे छोटी-छोटी बातें इतनी बढ़ीं कि मामला कोर्ट तक पहुंच गया और अलग होने की नौबत आ गई। करवाचौथ के मौके पर जज और काउंसलर की पहल से पति-पत्नी ने एक-दूसरे को समझने और रिश्ते को एक और मौका देने का फैसला किया।
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इंदौर में पति-पत्नी ने फिर साथ रहने का लिया फैसला
इंदौर के एक दंपती के बीच शादी के कुछ समय बाद ही विवाद शुरू हो गया था। पति का कारोबार के सिलसिले में देर रात तक घर से बाहर रहना पत्नी को पसंद नहीं था, जबकि पति को लगता था कि पत्नी उसकी व्यस्तता नहीं समझती। विवाद बढ़ने पर पत्नी मायके चली गई और मामला कोर्ट पहुंच गया। करवाचौथ से एक सप्ताह पहले हुई पेशी में दोनों को साथ बैठकर त्योहार मनाने और मन की बातें साझा करने की सलाह दी गई। पत्नी ने व्रत रखा और पति भी पूजा में शामिल हुआ, जिसके बाद दोनों ने फिर साथ रहने का फैसला किया।
अयोध्या बायपास के दंपती ने रिसोर्ट में मनाया करवाचौथ
अयोध्या बायपास निवासी महिला ने छह साल पहले पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और भरण-पोषण का केस दर्ज कराया था। दंपती का आठ साल का एक बेटा है। बच्चे के जन्म के बाद एक रस्म के दौरान दोनों परिवारों में कहासुनी हुई, जिसके बाद पत्नी मायके चली गई। पत्नी को उम्मीद थी कि पति उसे मनाकर ले जाएंगे, जबकि पति का कहना था कि पत्नी खुद नाराज होकर गई थी, इसलिए उसे ही लौटना चाहिए था। कोर्ट की आखिरी पेशी में पत्नी ने बताया कि वह सभी व्रत-त्योहार अकेले मनाती है। इस पर जज ने दोनों को एकांत जगह पर करवाचौथ मनाने की सलाह दी। दोनों ने परिवार से दूर एक रिसोर्ट में त्योहार मनाया और शुक्रवार को काउंसलर को फोन कर केस वापस लेने की बात कही। जल्द ही दोनों राजीनामा भी साइन करने जा रहे हैं।
रीवा में मोबाइल और शक बना था विवाद की वजह
रीवा के एक दंपती के बीच मोबाइल फोन के इस्तेमाल और एक-दूसरे पर शक करने को लेकर अक्सर विवाद होता था। पति पत्नी के फोन इस्तेमाल करने पर सवाल उठाता था, वहीं पत्नी को पति की गतिविधियों पर संदेह था। मामला कोर्ट तक पहुंच गया, लेकिन करवाचौथ पर पत्नी ने पति से रिश्ते को एक और मौका देने की बात कही। पति भी इसके लिए तैयार हो गया और दोनों ने एक-दूसरे की निजता का सम्मान करने और विवाद होने पर बातचीत से समाधान निकालने का फैसला किया।
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में हुए समझौते
प्रदेश के चार प्रमुख शहरों में करवाचौथ के मौके पर कई दंपतियों के बीच सुलह हुई। इनमें भोपाल में छह, इंदौर में चार, ग्वालियर में तीन और जबलपुर में छह मामले सामने आए। भोपाल में छह परिवारों के फिर साथ आने के अलावा प्रदेश के अलग-अलग जिलों में करीब 29 परिवारों के बीच समझौता होने की जानकारी सामने आई है।
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संवाद की कमी और अहंकार भी बनते हैं विवाद की वजह
फैमिली कोर्ट की काउंसलर शैल अवस्थी ने बताया कि त्योहार भावनात्मक रूप से परिवार को जोड़ने का काम करते हैं। करवाचौथ जैसे अवसर पर पति-पत्नी एक-दूसरे के प्रति अपने लगाव और जिम्मेदारियों को नए सिरे से महसूस कर सकते हैं। कई बार वैवाहिक विवाद की वजह कोई बड़ी समस्या नहीं, बल्कि संवाद की कमी, अपेक्षाएं, अहंकार और एक-दूसरे को पर्याप्त समय नहीं देना होता है। त्योहार के भावनात्मक पल दिलों को जोड़ने में मददगार साबित हो सकते हैं।




















