PU Special :मध्यप्रदेश के 10 नेशनल हाईवे होंगे सिक्सलेन, NHAI को मिली जिम्मेदारी; फ्लाईओवर और बाईपास भी बनेंगे

अशोक गौतम, भोपाल। इन हाईवे पर रोजाना 15 हजार से लेकर 35 हजार से अधिक पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) का ट्रैफिक दबाव है। अब इनके चौड़ीकरण के साथ शहरी क्षेत्रों में फ्लाईओवर और ग्रामीण इलाकों में बाईपास बनाने की योजना है। NHAI इन सड़कों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कराने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करेगा। निर्माण कार्यों में दो से तीन साल लगने का अनुमान है।
10 नेशनल हाईवे का होगा चौड़ीकरण
मध्यप्रदेश के 10 नेशनल हाईवे पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इन पर प्रतिदिन 15 हजार से 35 हजार से ज्यादा पीसीयू का ट्रैफिक दर्ज किया जा रहा है। इसी को देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इन सड़कों को एमपीआरडीसी से लेकर NHAI को सौंप दिया है। अब इनके विकास और चौड़ीकरण की जिम्मेदारी NHAI संभालेगा।
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15 से 20 साल पहले बीओटी मॉडल पर हुआ था निर्माण
इन हाईवे का निर्माण करीब 15 से 20 साल पहले बीओटी यानी बिल्ड, ऑपरेट एंड ट्रांसफर मॉडल पर किया गया था। उस समय के ट्रैफिक दबाव के हिसाब से तैयार की गई सड़कों पर अब औद्योगिक, पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने के कारण वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मौजूदा सड़क क्षमता कम पड़ने लगी है, जिसके चलते चौड़ीकरण की जरूरत महसूस की जा रही है।
DPR में तय होगा कहां बनेंगे फ्लाईओवर और बाईपास
NHAI इन सड़कों के विकास की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने जा रहा है। DPR में ट्रैफिक का आकलन करने के साथ सड़क की चौड़ाई और जरूरी निर्माण कार्यों का खाका तैयार होगा। सर्वे के आधार पर तय किया जाएगा कि किन हिस्सों को 4, 6 या 8 लेन किया जाना है। शहरी क्षेत्रों में फ्लाईओवर और ग्रामीण इलाकों में बाईपास बनाने की जरूरत भी इसी रिपोर्ट में तय होगी।
पांच राज्यों से मजबूत होगी मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी
इन 10 हाईवे में से सात सड़कें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को मध्यप्रदेश से जोड़ती हैं। इनके विकास से 30 से अधिक जिलों के बीच आवागमन आसान होगा। 70 से अधिक जिलों के मुख्य मार्ग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के रास्ते भी इन हाईवे से जुड़ते हैं। भोपाल, इंदौर और जबलपुर सहित कई शहरों के औद्योगिक क्षेत्रों, व्यापारिक केंद्रों, पर्यटन स्थलों और धार्मिक-ऐतिहासिक स्थानों तक पहुंच बेहतर होगी।
ये 10 सड़कें होंगी चौड़ी
चौड़ीकरण के लिए जिन सड़कों को शामिल किया गया है, उनमें मनगवां-रीवा-कटनी-जबलपुर-बरेला-मंडला, छतरपुर-हीरापुर-दमोह-जबलपुर-लखनादौन और मनगवां-मऊगंज-हनुमना मार्ग शामिल हैं। इसके अलावा नौगांव-छतरपुर-बमीठा-पन्ना-सतना-रीवा-सीधी, औबेदुल्लागंज-बरेली-कोड़ा जमानिया-जबलपुर-शाहपुर-डिंडौरी-कबीर चबूतरा और शिवपुरी-गुना-ब्यावरा-भोपाल-औबेदुल्लागंज-नर्मदापुरम मार्ग भी इस योजना में हैं। राजगढ़-ब्यावरा-देवास-इंदौर-सेंधवा, महाराष्ट्र सीमा से बुरहानपुर खंड, उज्जैन-पानबिहार-खेड़ा खजुरिया-सुहागड़ी से राजस्थान के हसमदी गांव तक और इंदौर-बैतूल-महाराष्ट्र सीमा तक के मार्ग भी इसमें शामिल हैं।
जाम और हादसों से मिलेगी राहत, दो से तीन साल में होंगे काम
मनगवां निवासी पवन तिवारी के मुताबिक, पूर्व में एनएच-7 और वर्तमान में एनएच-30, एनएच-135 पर ट्रैफिक का काफी दबाव है। इसके कारण छोटे कस्बों में शाम के समय जाम लगता है और सड़क हादसों की संख्या भी बढ़ रही है। NHAI के मध्यप्रदेश क्षेत्रीय अधिकारी एनएल येवतकर ने बताया कि मंत्रालय ने प्रदेश की 10 सड़कों को NHAI को ट्रांसफर किया है। इनके चौड़ीकरण के लिए सर्वे की तैयारी की जा रही है और इसी आधार पर लेन, बाईपास व फ्लाईओवर तय होंगे। निर्माण कार्यों में दो से तीन साल लगने का अनुमान है।




















