सीहोर के श्रीगणेश मंदिर में 12 दिन तक रोज होगा मनमोहक श्रृंगार, दोपहर 12 बजे महाआरती में उमड़े भक्त
सीहोर। प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश के जयकारों से सोमवार को सीहोर शहर भक्तिमय हो उठा। गणेश चतुर्थी के अवसर पर सुबह से ही मंदिरों और गणेश पंडालों में पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया। शहर के प्रसिद्ध श्रीगणेश मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, वहीं शहर के गली-मोहल्लों से लेकर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों तक गणपति बप्पा मोरया के जयघोष सुनाई देते रहे। दोपहर 12 बजे मंदिर में हुई महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर धर्मलाभ लिया।
12 दिन तक चलेगा गणेश उत्सव, रोज दिखेगा नया स्वरूप
श्रीगणेश मंदिर के पुजारी पंडित पृथ्वी बल्लभ दुबे ने बताया कि इस वर्ष भगवान श्रीगणेश का जन्मोत्सव भाद्रपद शुक्ल पक्ष की गणेश चतुर्थी 14 सितंबर से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर तक चलेगा। खास संयोग के कारण इस बार गणेश उत्सव सामान्य 10 दिनों के बजाय 12 दिनों तक चलेगा। इस दौरान श्रद्धालुओं को लगातार 12 दिन तक भगवान गणेश की आराधना और उत्सव का आनंद मिलेगा।
हर दिन होगा भगवान गणेश का अलग श्रृंगार
उत्सव को लेकर मंदिर में विशेष तैयारियां की गई हैं। पंडित जय दुबे के अनुसार गणेश उत्सव के 12 दिनों में भगवान श्रीगणेश का प्रतिदिन अलग-अलग और मनमोहक श्रृंगार किया जाएगा। हर दिन भगवान के नए स्वरूप के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। मंदिर पहुंचने वाले भक्तों के लिए दर्शन और सुरक्षा की भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
ढोल-ताशों के बीच बप्पा का हुआ स्वागत
गणेश चतुर्थी पर शहर में सुबह से ही गणेश प्रतिमाओं की स्थापना का सिलसिला शुरू हो गया था। कहीं श्रद्धालु स्कूटर पर भगवान गणेश की प्रतिमा लेकर जाते दिखाई दिए, तो कहीं ट्रैक्टर-ट्रॉली में ससम्मान प्रतिमा को स्थापना स्थल तक पहुंचाया गया। कई श्रद्धालु कारों में भी भगवान गणेश को लेकर पहुंचे। हर रास्ते पर बप्पा के स्वागत की अलग ही उमंग नजर आई।
घर-घर और पंडालों में गूंजे गणपति बप्पा मोरया
शहर के विभिन्न गणेश पंडालों में विधि-विधान के साथ प्रतिमाओं की स्थापना की गई। इसके साथ ही बड़ी संख्या में परिवारों ने अपने घरों में भी भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू की। ढोल-ताशों और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु खुशी और उत्साह के साथ भगवान को अपने घर और पंडाल तक लेकर पहुंचे।
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शहर से गांव तक भक्तिमय हुआ माहौल
गणेश उत्सव का असर केवल शहर तक सीमित नहीं रहा। प्राप्त जानकारी के अनुसार सीहोर शहर में 150 से अधिक स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जबकि जिलेभर में 500 से अधिक स्थानों पर विभिन्न समितियों और श्रद्धालुओं द्वारा भगवान श्रीगणेश को विराजित किया गया है। इससे पूरे जिले में धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल बना हुआ है।
12 दिन तक चलेगा आस्था और उत्सव का सिलसिला
गणेश उत्सव के अगले 12 दिनों तक शहर के विभिन्न पंडालों और श्रीगणेश मंदिर में धार्मिक आयोजन होते रहेंगे। प्रतिदिन होने वाले अलग-अलग श्रृंगार, पूजा-अर्चना और आरती में श्रद्धालुओं की भागीदारी रहेगी। अनंत चतुर्दशी के साथ उत्सव का समापन होगा, लेकिन तब तक सीहोर में हर ओर गणपति बप्पा की भक्ति, जयकारों और उत्साह की गूंज सुनाई देती रहेगी।






















