मैहर में लाल मुह के बंदरों के आतंक से त्रस्त ग्रामीणों ने मांगी इच्छामृत्यु, कलेक्टर को दिया ज्ञापन

मैहर। जिले के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ा इटमा और खारा देवरा गांव में लाल मुंह वाले बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि त्रस्त ग्रामीणों ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इच्छामृत्यु की मांग की है। सैकड़ों की तादाद में घूम रहे बंदर न सिर्फ घरों में घुसकर भोजन और सामान उठा ले जा रहे हैं, बल्कि फसलों को चौपट करने के साथ ग्रामीणों पर जानलेवा हमले भी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे पहले भी आपसी चंदे से एक लाख रुपये से अधिक खर्च कर वृंदावन की टीम से 156 बंदर पकड़वा चुके हैं, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति फिर जस की तस हो गई। कोई ठोस सरकारी मदद न मिलने पर अब ग्रामीणों ने आर-पार का रुख अपनाया है।
पंचायतें और स्थानीय निकाय अपने स्तर पर पकड़वाएं
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 में वर्ष 2022 के संशोधन के बाद लाल मुंह वाले बंदरों को अनुसूचियों से बाहर रखा गया है। वन विभाग के 28 अगस्त 2025 के पत्रानुसार अब इन्हें पकड़ने के लिए वन विभाग से अनुमति की बाध्यता नहीं है। संबंधित ग्राम पंचायतें और स्थानीय निकाय अपने स्तर व संसाधनों से बंदरों को पकड़वाने की कार्रवाई कर सकते हैं।
-विदिशा मुखर्जी, कलेक्टर, मैहर
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