सीहोर में नशेड़ी ड्राइवर का तांडव: पुलिस से झूमाझटकी, नेमप्लेट नोंची, फर्जी नाम बताकर धराया!

सीहोर। जिला मुख्यालय के सेकड़ाखेड़ी जोड़ पर कानून और वर्दी की मर्यादा को तार-तार करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ अभियान चला रही यातायात पुलिस टीम के साथ शराब के नशे में धुत लोडिंग वाहन चालक और वाहन मालिक ने खुलेआम गुंडागर्दी की। न सिर्फ ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज की गई, बल्कि हाथापाई पर उतारू होकर एक पुलिसकर्मी की वर्दी से नेमप्लेट तक नोचकर फेंक दी गई। आरोपी चालक खुद को बचाने के लिए पुलिस को अपना गलत नाम बताकर गुमराह करता रहा, लेकिन खाकी की सख्ती के आगे उसकी एक न चली। पुलिस ने वाहन को मौके पर जब्त कर लिया है और कोर्ट चालान सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
सेकड़ाखेड़ी जोड़ पर जब रुकी संदिग्ध लोडिंग गाड़ी
यातायात प्रभारी सूबेदार ब्रजमोहन धाकड़ अपनी टीम के साथ सेकड़ाखेड़ी जोड़ पर नियमित वाहन चेकिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार लोडिंग वाहन को रुकवाया गया। वाहन रुकते ही चालक के मुंह से शराब की तेज बदबू आ रही थी और उसकी हरकतें पूरी तरह संदेहास्पद थीं। जब पुलिसकर्मियों ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत ब्रेथ एनालाइजर से उसकी जांच करनी चाही, तो चालक और वाहन में मौजूद मालिक बिफर पड़े।
फर्जी नाम बताकर पुलिस को चकमा देने की साजिश बेनकाब
कार्रवाई के दौरान आरोपी चालक ने शातिराना अंदाज में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। पूछताछ में वह अपना नाम 'मेहरबान' बता रहा था, ताकि कानूनी पचड़े से बच सके। पुलिस को उसकी बातों पर संदेह हुआ। इसके बाद जब यातायात प्रभारी ब्रजमोहन धाकड़ और उनकी टीम ने कड़ाई से पड़ताल करते हुए उसका आधार कार्ड चेक किया, तो उसका असली नाम 'मुकेश' निकला। फर्जी नाम बताकर पुलिस को चकमा देने की उसकी चाल मौके पर ही धरी रह गई।
मालिक ने अड़ाया रोड़ा, थाने नहीं ले जाने दी गाड़ी
जब ड्रिंक एंड ड्राइव का मामला पुख्ता हो गया और पुलिस ने कानून के मुताबिक गाड़ी को जब्त कर थाने ले जाने की प्रक्रिया शुरू की, तो वाहन का मालिक महेंद्र (निवासी बैरागढ़) बीच में कूद पड़ा। वह बदसलूकी और हुज्जतबाजी पर उतर आया और सीधे तौर पर धमकाने लगा कि वह गाड़ी को थाने नहीं ले जाने देगा। यातायात प्रभारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि नशे में धुत चालक से गाड़ी किसी भी सूरत में नहीं चलवाई जाएगी और वाहन जब्त होगा। जब पुलिस ने दूसरे ड्राइवर से गाड़ी ले जाने का प्रयास किया, तो मालिक ने उसे भी रोका और कानून को चुनौती देने की कोशिश की।
खाकी पर हाथ डालने का दुस्साहस: नेमप्लेट नोंचकर फेंकी
विवाद और हुज्जत के दौरान आरोपियों का दुस्साहस इस कदर बढ़ गया कि उन्होंने बीच सड़क पर हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू कर दिया। चेकिंग कर रहे पुलिसकर्मियों के साथ झूमाझटकी करते हुए आरोपियों ने एक जवान की वर्दी पर हाथ डाल दिया और उसकी नेमप्लेट नोचकर सड़क पर फेंक दी। सड़क पर खुलेआम हो रहे इस हंगामे से मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई, लेकिन पुलिस ने जरा भी ढिलाई नहीं बरती और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया।
गाड़ी जब्त, कोर्ट में पेश होगा चालान और लगेगी कड़ी धाराएं
यातायात प्रभारी ब्रजमोहन धाकड़ ने सख्त लहजे में साफ किया कि ड्रिंक एंड ड्राइव का मामला बेहद गंभीर है, जिसमें धारा 185 के तहत मौके पर चालान नहीं कटता बल्कि सीधे कोर्ट में पेशी होती है और वाहन की जब्ती अनिवार्य होती है। सड़क पर हुड़दंग, झूठी पहचान बताने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों से झूमाझटकी करने वाले बैरागढ़ निवासी इन आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम और संबंधित धाराओं में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। खाकी से उलझने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
EDIT BY: ADITI RAWAT




















