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भोपाल रेल मंडल में स्काडा सिस्टम होगा AI से लैस, अब बिजली फॉल्ट की तुरंत मिलेगी जानकारी, ट्रेनों में नहीं होगी देरी

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भोपाल रेल मंडल में स्काडा सिस्टम होगा AI से लैस, अब बिजली फॉल्ट की तुरंत मिलेगी जानकारी, ट्रेनों में नहीं होगी देरी

भोपाल। भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। भोपाल रेल मंडल में अब ट्रेनों के संचालन में आने वाली बाधाओं, विशेषकर बिजली आपूर्ति से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ियों पर लगाम लगाने के लिए स्काडा सिस्टम (Supervisory Control and Data Acquisition- SCADA) को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस किया जा रहा है। इस आधुनिक प्रणाली से रेल संचालन अधिक सुरक्षित, प्रभावशाली और रफ्तार से भरपूर होगा।

क्या है स्काडा सिस्टम और इसमें एआई का क्या रोल है

स्काडा सिस्टम एक उच्च तकनीकी निगरानी प्रणाली है, जो पावर सप्लाई से जुड़े तमाम डेटा को रीयल टाइम में मॉनिटर करता है। अब इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जोड़ने से यह प्रणाली और ज्यादा स्मार्ट हो जाएगी। जैसे ही किसी क्षेत्र में इलेक्ट्रिक फॉल्ट होता है, यह सिस्टम सिर्फ सेकंडों में उस स्थान की जानकारी रेलवे कंट्रोल रूम को भेज देगा, ताकि तुरंत कार्यवाही की जा सके।

हर साल 4 करोड़ रुपए का निवेश

भोपाल रेल मंडल प्रशासन इस प्रोजेक्ट पर करीब 4 करोड़ रुपए खर्च करने जा रहा है। यह निवेश 15 सब-स्टेशन और 41 हाई वोल्टेज सेंटरों को साइबर सिक्योरिटी और एआई तकनीक से लैस करने में खर्च किया जाएगा।

रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि टेक्नोलॉजी के इस युग में रेलवे भी अपने सिस्टम को स्मार्ट और रिस्पॉन्सिव बना रहा है ताकि यात्रियों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।

क्यों जरूरी है यह अपडेट

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, भोपाल रेल मंडल में हर महीने लगभग 10 से 15 बार बिजली फॉल्ट की वजह से ट्रिपिंग की स्थिति उत्पन्न होती है, जिससे ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता है। यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ता है और लोको पायलट्स को रूट क्लियरेंस के लिए इंतजार करना पड़ता है। स्काडा सिस्टम के AI मॉडल से यह सब समस्याएं काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।

कैसे काम करेगा स्मार्ट स्काडा सिस्टम

जैसे ही किसी सब-स्टेशन या हाई वोल्टेज सेंटर पर फॉल्ट होगा, यह डेटा AI-सक्षम स्काडा सिस्टम के जरिए तत्काल रेलवे कंट्रोल रूम तक पहुंचेगा। कंट्रोल रूम की टीम सेकंडों में संबंधित टीम को अलर्ट भेजेगी। इसके बाद फॉल्ट की पहचान, लोकेशन और समाधान प्रक्रिया रीयल टाइम में होगी। इससे फॉल्ट को मिनटों में ठीक किया जा सकेगा, जिससे ट्रेनें समय पर चलेंगी।

गुना-मक्सी सेक्शन से हो रही शुरुआत

इस हाईटेक स्काडा सिस्टम की शुरुआत गुना-मक्सी सेक्शन से की जा रही है। इसके बाद इसे भोपाल-बीना, भोपाल-इटारसी और अन्य रेल सेक्शनों में लागू किया जाएगा। इस चरणबद्ध प्रक्रिया के बाद पूरे भोपाल रेल मंडल में यह स्मार्ट प्रणाली सक्रिय हो जाएगी।

Wasif Khan
By Wasif Khan

फिलहाल जुलाई 2024 से पीपुल्स अपडेट में सब-एडिटर हूं। बीते 3 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हूं। 12वीं म...Read More

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