सत्येंद्र जैन को कोर्ट से राहत, दिल्ली जल बोर्ड STP मामले में मिली जमानत

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर मामले में उन्हें जमानत दे दी है। मामले में अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत 17 सितंबर तक बढ़ाई गई है।
2 लाख रुपये के मुचलके पर मिली जमानत
सत्येंद्र जैन की ओर से वरिष्ठ वकील एन. हरिहरन ने कोर्ट में जमानत के पक्ष में दलीलें दीं। उन्होंने कहा कि मामले में जैन की गिरफ्तारी केस दर्ज होने के करीब 27 महीने बाद हुई। उनके मुताबिक, इस दौरान जैन को केवल एक बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था और दोबारा बुलाने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। वकील ने यह भी दलील दी कि मामले से जुड़ी सामग्री मुख्य रूप से दस्तावेजी है और जांच एजेंसी जरूरी दस्तावेज पहले ही अपने कब्जे में ले चुकी है। इसलिए जैन को आगे हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है।
ACB ने जमानत का किया विरोध
जमानत याचिका का विरोध करते हुए Anti-Corruption Branch (ACB) ने सत्येंद्र जैन पर गंभीर आरोप लगाए। एजेंसी ने कोर्ट के सामने उनकी जमानत का विरोध किया और कहा कि जमानत पर फैसला लेते समय उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों और अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
क्या है DJB STP मामला?
यह मामला दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से जुड़े टेंडर में कथित अनियमितताओं का है। ACB ने आरोप लगाया है कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों और शर्तों में कथित तौर पर बदलाव किए गए, जिससे परियोजना की लागत में बढ़ोतरी हुई। सत्येंद्र जैन ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनके वकील का कहना है कि संबंधित टेंडर अक्टूबर 2022 में जारी हुए थे, जबकि उस समय जैन एक दूसरे मामले में पहले से हिरासत में थे। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि जैन को टेंडर प्रक्रिया से जोड़ने वाला कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
अन्य आरोपियों की हिरासत बढ़ी
राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले के अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत 17 सितंबर तक बढ़ा दी है। वहीं सत्येंद्र जैन को जमानत मिलने के बाद इस मामले में उन्हें बड़ी कानूनी राहत मिली है। कोर्ट के विस्तृत जमानत आदेश का इंतजार है।




















