काशी में गंगा का रौद्र रूप! PM मोदी ने मेयर-DM से फोन पर लिया जायजा, राहत शिविरों पर भी फोकस

वाराणसी। गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच वाराणसी में बाढ़ की स्थिति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों से सीधे जानकारी ली। गुरुवार को पीएम मोदी ने वाराणसी के मेयर और जिलाधिकारी से फोन पर बातचीत की और शहर में बने हालात का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों, राहत और बचाव के काम तथा लोगों तक पहुंचाई जा रही जरूरी सुविधाओं के बारे में पूछा। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राहत कार्यों को तेज रखने और जरूरत के अनुसार तुरंत मदद पहुंचाने पर भी जोर दिया।
बाढ़ के बीच PM मोदी ने ली ग्राउंड रिपोर्ट
वाराणसी के सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार से बाढ़ की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी ली। बातचीत के दौरान गंगा के जलस्तर, प्रभावित क्षेत्रों और प्रशासन की तैयारियों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
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राहत शिविरों में सुविधाओं पर खास जोर
प्रधानमंत्री ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों की सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने भोजन, पीने के पानी और दूसरी जरूरी चीजों की उपलब्धता के बारे में पूछा। पीएम मोदी ने साफ कहा कि जिन इलाकों में अतिरिक्त राहत सामग्री की जरूरत है, वहां बिना देरी किए सामान पहुंचाया जाए। प्रभावित परिवारों को जरूरी मदद समय पर मिलनी चाहिए।
गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान से ऊपर
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार सुबह वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.54 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी स्तर 70.262 मीटर से ऊपर है। राजघाट गेज स्थल पर सुबह करीब 6 बजे पानी का स्तर लगभग 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। इससे नदी के आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
खतरे के निशान के करीब पहुंचा पानी
राजघाट पर गंगा के खतरे का निशान 71.262 मीटर है। वहीं यहां अब तक दर्ज सबसे ऊंचा बाढ़ स्तर 73.901 मीटर रहा है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही वाराणसी के निचले इलाकों में बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। जिला प्रशासन गंगा और वरुणा नदी के किनारे बसे क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहा है।
प्रशासन को हर स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश
पीएम मोदी ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ के कारण आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाए। राहत और बचाव अभियान में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त संसाधन लगाए जाएं और लोगों तक सहायता तेजी से पहुंचाई जाए।
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मौसम विभाग ने भी बढ़ाई चिंता
बाढ़ के बीच मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी है। शनिवार तक यहां तेज बारिश का अनुमान है। अगले तीन दिनों में पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्र, सिक्किम, विदर्भ और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में वाराणसी और आसपास के इलाकों में प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।



















