ग्वालियर: डबरा में मकान की छत ढही, मां-बेटे की मौत; परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप

ग्वालियर। जंगीपुरा इलाके में यह हादसा हुआ। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मलबा हटाकर पांचों को अस्पताल पहुंचाया। परिजन ने अस्पतालकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है, तो दूसरी ओर प्रशासन ने जांच का भरोसा दिया है।
बारिश के बीच अचानक ढही मकान की छत
हादसे के समय परिवार के पांच सदस्य घर के अंदर मौजूद थे और मलबे में दब गए। आवाज सुनकर आसपास रहने वाले लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम और स्थानीय लोगों ने मिलकर मलबा हटाया और सभी को बाहर निकालकर डबरा सिविल अस्पताल पहुंचाया।
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अस्पताल पहुंचने से पहले दो साल के बेटे ने दम तोड़ा
हादसे में 2 साल के आदित्य रजक उर्फ गुन्नू की रास्ते में ही मौत हो गई। उसकी मां सीमा ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं सीमा के पति जागेंद्र रजक (38) और बेटियां वैशाली (5), रागनी (8) को गंभीर हालत में ग्वालियर रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप
हादसे की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए। इस दौरान अस्पतालकर्मियों पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए हंगामा किया गया। पड़ोसी वीरू रजक ने कहा कि सीमा को अस्पताल लाने के समय उसकी सांसें चल रही थीं। बेहतर इलाज मिलता तो उसकी जान बच सकती थी। मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम नवकिरण कौर, एसडीओपी सौरभ कुमार और तहसीलदार नवीन भारद्वाज अस्पताल पहुंचे।
प्रशासन ने जांच और मुआवजे का दिया भरोसा
अधिकारियों ने परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। एसडीएम नवकिरण कौर ने मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने परिवार को आर्थिक मुआवजा दिलाने की बात भी कही। परिवार करीब 15 साल से इस मकान में किराये पर रह रहा था और आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण जर्जर मकान में रहने को मजबूर था।
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जूता फैक्ट्री में काम करता है जागेंद्र
परिवार का मुखिया जागेंद्र रजक ग्वालियर की एक जूता फैक्ट्री में काम करता है और रोजाना ट्रेन से आना-जाना करता है। उसकी पत्नी सीमा झाड़ू-पोंछे का काम करती थी। जागेंद्र के भाई राघवेंद्र रजक ने बताया कि दोनों भाई आसपास ही रहते हैं। जागेंद्र की दो बेटियां नैंसी और गौरी हादसे के समय उनके घर पर थीं, इसलिए दोनों सुरक्षित बच गईं।




















