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दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को बड़ा झटका : मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जमानत अर्जी, तुरंत सरेंडर करने के आदेश

दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को बड़ा झटका : मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जमानत अर्जी, तुरंत सरेंडर करने के आदेश
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की रेगुलर जमानत पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। उन्हें सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। इसी के साथ कोर्ट ने तुरंत सरेंडर करने के आदेश भी दिए हैं। बता दें कि वह स्वास्थ्य कारणों के चलते अंतरिम जमानत पर थे।

तुरंत सरेंडर करें सत्येंद्र : सुप्रीम कोर्ट

मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की बेंच ने सत्येंद्र और सह-आरोपी अंकुश जैन की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुनाया। जिसमें उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया। बता दें कि जैन 26 मई 2023 से मेडिकल बेल पर हैं। इससे पहले पिछली सुनवाई में कहा गया था कि, उनके वकील अभिषेक मनु सिंघवी जरूरी काम के चलते कोर्ट में पेश नहीं हो पाएंगे। ऐसे में कोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर सत्येंद्र जैन की अंतरिम जमानत बढ़ा दी थी।

क्या है मामला ?

ED ने सत्येंद्र जैन को दिल्ली शराब नीति घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के मामले को लेकर 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। ED ने आरोप लगाया था कि, उन्होंने उनसे जुड़ी 4 कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की है। satendra jain and arvind kejriwal इसके बाद 26 मई 2023 को सत्येंद्र जैन को खराब स्वास्थ्य के आधार पर जमानत मिल गई थी। तब से वह इलाज करा रहे हैं और जेल से बाहर हैं। सत्येंद्र जैन के खिलाफ CBI ने 2017 में प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत FIR की थी। इस FIR में सत्येंद्र जैन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया गया था। उसी के अनुसार, जैन ने 4 कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की है।

30 मई 2022 को ईडी ने किया था गिरफ्तार

• 14 फरवरी 2015 से मई 2017 तक सत्येंद्र जैन पर चल अचल संपत्ति अर्जित करने का आरोप। • 30 मई 2022 को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में किया था गिरफ्तार। • 17 नवंबर 2022 को ट्रायल कोर्ट ने जैन की जमानत अर्जी खारिज की। • इसके बाद जैन अपनी जमानत अर्जी लेकर दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे। • 6 अप्रैल 2023 को हाई कोर्ट ने सबूतों से छेड़छाड़ करने की आशंका जताते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी। • 18 मार्च 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी बेल खारिज करते हुए सरेंडर करने को कहा।

क्या है सत्येंद्र जैन से जुड़ा मामला?

जैन पर कथित आरोप हैं कि उन्होंने दिल्ली में कई शेल कंपनियां बनाईं या खरीदीं थीं। उन्होंने कोलकाता के तीन हवाला ऑपरेटर्स से 54 शेल कंपनियों के जरिए 16.39 करोड़ का काला धन भी ट्रांसफर किया। जैन के पास प्रयास, इंडो और अकिंचन नाम की कंपनियों में बड़ी संख्या में शेयर थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2015 में केजरीवाल सरकार में मंत्री बनने के बाद जैन के सभी शेयर उनकी पत्नी के नाम कर दिए गए थे। गौरतलब है कि, 57 साल के जैन को 30 मई को गिरफ्तार किया गया था। आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जैन, उनकी पत्नी पूनम जैन और अन्य पर मामला दर्ज किया। ये भी पढ़ें - इलेक्टोरल बॉन्ड पर SBI को सुप्रीम कोर्ट की एक और फटकार, बोले- हर जानकारी दें वरना… SBI बोला- हमें बदनाम किया जा रहा
People's Reporter
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