80% मरीजों का मुफ्त इलाज, 50 साल की सेवा का जश्न; इंदौर पहुंचे कई दिग्गज, CM मोहन यादव वर्चुअली जुड़े

इंदौर। जरूरतमंदों को बेहतर नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने और दृष्टिहीनता की रोकथाम के लिए काम कर रहे शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया ने अपनी स्थापना के 50 साल पूरे होने पर इंदौर में गोल्डन जुबली समारोह आयोजित किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। वहीं, उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ला, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी और संस्था के संस्थापक पद्मश्री डॉ. आर.वी. रमणी सहित कई गणमान्यजन मौजूद रहे।
1977 में शुरू हुई थी सेवा की यात्रा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में संस्था की पांच दशक की यात्रा की सराहना की। उन्होंने बताया कि वर्ष 1977 में तमिलनाडु के कोयंबटूर में डॉ. आर.वी. रमणी और डॉ. राधा रमणी ने जरूरतमंदों की सेवा के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की थी। आज संस्था देश के 10 राज्यों तक अपनी सेवाएं पहुंचा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक छोटी-सी पहल का इतने बड़े सेवा नेटवर्क में बदलना और पांच दशकों तक सेवा का संकल्प बनाए रखना उल्लेखनीय उपलब्धि है।

80 प्रतिशत जरूरतमंद मरीजों का मुफ्त इलाज
मुख्यमंत्री ने संस्था के सेवा आधारित चिकित्सा मॉडल की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि इसके तहत करीब 80 प्रतिशत जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क नेत्र चिकित्सा सेवाएं दी जाती हैं, जबकि बाकी 20 प्रतिशत मरीज उपचार के लिए भुगतान करते हैं। डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भी मेडिकल कॉलेजों, एंबुलेंस सेवाओं और ट्रॉमा सेंटरों का विस्तार कर स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने संस्था को गोल्डन जुबली की बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि यह आने वाले समय में भी इसी सेवा भावना के साथ काम करती रहेगी।
5 लाख बच्चों की मुफ्त नेत्र जांच का लक्ष्य
समारोह में संस्था के संस्थापक पद्मश्री डॉ. आर.वी. रमणी ने नेत्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था के 'रेनबो स्क्रीनिंग प्रोग्राम' के तहत पांच लाख बच्चों की निःशुल्क नेत्र जांच करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान करना और उन्हें उचित उपचार व मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।

सेवा और समर्पण के 50 साल का उत्सव
शंकरा आई फाउंडेशन की गोल्डन जुबली सिर्फ संस्था की उपलब्धियों का जश्न नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाने के संकल्प का अवसर भी बनी। संस्था ने जरूरतमंदों तक बेहतर उपचार पहुंचाने और समाज में नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।




















