संजय राउत की नई किताब में विजय माल्या की तारीफ, बोले- वह कभी फ्रॉड नहीं थे ; PM मोदी के भाषण को भी सराहा

मुंबई। शिवसेना उद्धव गुट के नेता और सांसद संजय राउत अपनी नई किताब 'बोध कीर्तन' को लेकर चर्चा में हैं। इस किताब में उन्होंने देश से बाहर रह रहे कारोबारी विजय माल्या का बचाव किया है। राउत ने लिखा है कि माल्या कभी फ्रॉड नहीं थे और केंद्र सरकार ने ही उन्हें देश छोड़ने के लिए मजबूर किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गैर-राजनीतिक भाषणों की भी तारीफ की है। संजय राउत की किताब 'बोध कीर्तन' का विमोचन शनिवार को उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की मौजूदगी में होने वाला है। किताब में राउत ने अपने निजी अनुभवों, अलग-अलग लोगों से मुलाकातों और पढ़े हुए लेखों से जुड़ी बातें साझा की हैं।
विजय माल्या को लेकर क्या लिखा?
संजय राउत ने किताब में विजय माल्या की तारीफ करते हुए लिखा है कि वह उन्हें करीब से जानते थे। संसद और सेंट्रल हॉल में दोनों अक्सर आसपास बैठते थे। राउत के मुताबिक, माल्या मिलनसार, हंसमुख और प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले इंसान थे। राउत ने लिखा कि माल्या की लग्जरी लाइफस्टाइल के कारण लोगों के बीच उनके बारे में गलतफहमियां बनीं। उनके मुताबिक, यह जीवनशैली उनके कारोबार की जरूरत भी हो सकती थी। उन्होंने माल्या को संसद के कई नेताओं से ज्यादा देशप्रेमी, दरियादिल और साफ दिल इंसान बताया। राउत का कहना है कि उनकी नीयत किसी को ठगने की नहीं थी।
'माल्या को थोड़ी राहत मिलनी चाहिए थी'
किताब में संजय राउत ने विजय माल्या के देश छोड़ने की घटना पर भी अपनी राय रखी है। उन्होंने लिखा कि जब माल्या का कारोबार डूबा और बैंकों का कर्ज बकाया हो गया, तब बैंकों को उनकी मदद करनी चाहिए थी। राउत के मुताबिक, केंद्र सरकार ने पिछले 10 सालों में कई उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए, जबकि माल्या को कर्ज माफी नहीं, बल्कि थोड़ी राहत की जरूरत थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आखिरकार केंद्र सरकार ने ही माल्या को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया। राउत ने माल्या को भगोड़ा कहे जाने पर भी असहमति जताई है। उनका मानना है कि माल्या की नीयत किसी को धोखा देने की नहीं थी। हालांकि, ये बातें संजय राउत की किताब में दर्ज उनके निजी विचार और दावे हैं।
PM मोदी के गैर-राजनीतिक भाषणों की तारीफ
'बोध कीर्तन' के 'दीपस्तंभ' नाम के अध्याय में संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों पर भी अपनी राय रखी है। उन्होंने लिखा है कि पीएम मोदी के राजनीतिक भाषण भले ही ज्यादा दिलचस्प या अर्थपूर्ण न हों, लेकिन उनके गैर-राजनीतिक भाषण सुनने और पढ़ने में अच्छे होते हैं। राउत ने अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान भगवान राम पर दिए गए प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की तारीफ की है। उन्होंने इसे 'शब्दों का भावुक दीपोत्सव' बताया है। किताब में राउत ने लिखा है कि भगवान राम के आदर्श हर भारतीय के लिए 'दीपस्तंभ' यानी मार्गदर्शक रोशनी का काम करेंगे। इस तरह किताब में एक ओर उन्होंने विजय माल्या के पक्ष में अपनी बात रखी है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी के गैर-राजनीतिक भाषणों की सराहना भी की है।




















