दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर बड़ा एक्शन, 5 से 20 नवंबर तक निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक

दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि 5 नवंबर से 20 नवंबर तक पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस दौरान कंस्ट्रक्शन और तोड़फोड़ से जुड़े काम बंद रहेंगे। सरकार का उद्देश्य प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना और लोगों को खराब हवा से राहत दिलाना है।
बारिश के बाद भी दिल्ली की हवा खराब
दिल्ली-NCR में चक्रवाती तूफान अर्नब और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और तेज हवाएं चलीं, लेकिन इसके बावजूद प्रदूषण के स्तर में खास सुधार नहीं हुआ। गुरुवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 222 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। बुधवार को यह 229 था। यानी एक दिन में सिर्फ सात अंकों की गिरावट दर्ज की गई। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले छह दिनों तक दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में बने रहने की आशंका है।
बारिश और 50 किमी की रफ्तार से हवाएं भी बेअसर
गुरुवार तड़के से ही दिल्ली में घने बादल छाए रहे। कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इसके बावजूद प्रदूषण से बड़ी राहत नहीं मिली। आंकड़ों पर नजर डालें तो 26 अक्टूबर को दिल्ली का AQI 174 था, जो 27 अक्टूबर को बढ़कर 197 और 28 अक्टूबर को 229 पहुंच गया। 29 अक्टूबर को इसमें मामूली गिरावट के बाद यह 222 दर्ज किया गया।
NCR के कई शहरों में भी प्रदूषण का असर
तूफान अर्नब का असर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी देखने को मिला। यहां दिनभर बादल छाए रहे और कई बार हल्की बारिश हुई। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई, लेकिन प्रदूषण का स्तर चिंता का विषय बना रहा। गुरुवार को ग्रेटर नोएडा का AQI 214 दर्ज किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा की तुलना में ग्रेटर नोएडा वेस्ट में प्रदूषण का स्तर अधिक रहा।
यमुना किनारे बनेगा साइकिल ट्रैक और ग्रीन कॉरिडोर
प्रदूषण और तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने हरियाली और सार्वजनिक सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक पहल की है। इसके तहत यमुना के पश्चिमी तट पर ओल्ड रेलवे ब्रिज से NH-9 (पुराना NH-24) तक आधुनिक साइकिल ट्रैक और ग्रीन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य लोगों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ हरित क्षेत्र का विस्तार करना है।




















