SCO समिट में एक साथ आए मोदी-पुतिन-जिनपिंग, हाथ थामकर मुस्कुराए तीनों नेता;खास मोमेंट वायरल

बिश्केक। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट के दौरान मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात हुई। बैठक से पहले तीनों नेता एक साथ नजर आए। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों नेताओं से हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत भी की। SCO के मंच पर पीएम मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग का एक साथ हाथ थामे नजर आना भी चर्चा का विषय बना। तीनों नेताओं ने एकजुटता और आपसी सहयोग का संदेश दिया। समिट में कई देशों के प्रमुख नेता मौजूद रहे और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई।
मोदी और जिनपिंग की अचानक हुई मुलाकात
SCO समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अचानक मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की। खास बात यह रही कि दोनों नेताओं के बीच अलग से द्विपक्षीय बैठक पहले से तय नहीं थी। इसके बावजूद समिट के दौरान दोनों नेता आमने-सामने आए और बातचीत करते नजर आए। इस मुलाकात के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भी दोनों नेताओं के साथ दिखाई दिए। तीनों नेताओं की तस्वीरें और साथ में बातचीत का दृश्य समिट के दौरान खास आकर्षण बना।
मोदी-पुतिन-जिनपिंग ने दिया एकजुटता का संदेश
SCO के मंच पर प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक-दूसरे का हाथ थामा। इस दौरान तीनों नेताओं ने साथ खड़े होकर एकजुटता का संदेश दिया। SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत, रूस और चीन के शीर्ष नेताओं का यह दृश्य कूटनीतिक नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि इस दौरान नेताओं के बीच हुई बातचीत के सभी विवरण सामने नहीं आए हैं। समिट में अलग-अलग देशों के नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, आतंकवाद और वैश्विक चुनौतियों जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।
आतंकवाद पर PM मोदी का सख्त संदेश
SCO समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए केवल आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले नेटवर्क पर भी कार्रवाई जरूरी है। मोदी ने आतंकवाद की फंडिंग, आतंकियों की भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सभी देशों को मिलकर काम करना होगा।
आतंकवाद पर दोहरा रवैया नहीं चलेगा
प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी तरह के दोहरे रवैये को गलत बताया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि आतंकवाद को लेकर सभी देशों को एक जैसी नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए गंभीर खतरा है और इसके खिलाफ कार्रवाई में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। PM मोदी ने साफ कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ उनके आर्थिक स्रोत, भर्ती नेटवर्क और कट्टरपंथ फैलाने वाले तंत्र को भी खत्म करना जरूरी है।
सिर्फ जवाबी कार्रवाई से नहीं रुकेगा आतंकवाद
प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को केवल हमले के बाद जवाबी कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसके लिए आतंकवाद के पूरे सिस्टम पर प्रहार करना होगा।उन्होंने आतंकवाद को समर्थन देने वाले ढांचे को खत्म करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि अगर आतंकियों को पैसा, हथियार, भर्ती और सुरक्षित ठिकाने मिलते रहेंगे, तो आतंकवाद की चुनौती बनी रहेगी। इसलिए SCO के सदस्य देशों के बीच बेहतर तालमेल और साझा कार्रवाई की जरूरत है।
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ग्लोबल लीडर्स के साथ PM मोदी की तस्वीर
SCO समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई वैश्विक नेताओं के साथ तस्वीर भी खिंचवाई। समिट में अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि और राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी की कई नेताओं के साथ मुलाकात हुई। भारत की ओर से SCO मंच पर आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।



















