कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में बड़ा एक्शन, मुठभेड़ के बाद आरोपी नौशाद गिरफ्तार; पैर में लगी गोली

कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी नौशाद को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, चरवा थाना क्षेत्र के तेरह मील गांव के पास तड़के करीब 4 बजे पुलिस और नौशाद के बीच मुठभेड़ हुई। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी। गोली लगने के बाद पुलिस ने नौशाद को गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस का दावा है कि आरोपी के पास से अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और ब्लास्ट से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच की जा रही है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेरा इलाका
पुलिस के अनुसार, पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके के बाद आरोपी नौशाद की तलाश लगातार की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से उसके तेरह मील गांव के आसपास होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर दी। पुलिस का कहना है कि नौशाद वहां से निकलने की कोशिश कर रहा था। टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान पुलिस की गोली नौशाद के पैर में लगी। वह घायल होकर गिर पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
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घायल नौशाद अस्पताल में भर्ती
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घायल आरोपी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस अब अस्पताल में उपचार के साथ-साथ आरोपी से पूछताछ भी कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में नौशाद की क्या भूमिका थी और फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री कैसे जमा की गई थी।
पुलिसकर्मियों पर भी हुई कार्रवाई
पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। मामले में लापरवाही के आरोपों के बीच कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह को लाइन हाजिर किया गया है। इसके अलावा चायल चौकी प्रभारी अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी मनीष पाल को भी लाइन हाजिर किया गया है। वहीं, बीट आरक्षी जितेंद्र कुमार और कृष्ण कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों की ओर से की गई इस कार्रवाई के बाद अब यह भी जांच की जा रही है कि इलाके में अवैध पटाखा फैक्ट्री और विस्फोटक सामग्री की जानकारी होने के बावजूद समय रहते प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए।
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धमाके में 11 लोगों की गई जान
बता दें कि सोमवार को पिपरी थाना क्षेत्र के महमूदपुर मनौरी कस्बे में पटाखा फैक्ट्री में आग लगने के बाद जोरदार धमाका हुआ था। धमाका इतना तेज था कि आसपास का इलाका दहल गया। हादसे के बाद कई मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ घर मलबे में बदल गए, जबकि आसपास के कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा। इस हादसे में बच्चों और महिलाओं समेत अब तक 11 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया था। अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
6 लोगों के खिलाफ दर्ज है मामला
पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में पिपरी पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। FIR में नौशाद, शकील, उनके बेटे आदिल, पत्नी शबाना, कहकशा और बेटी शाइना को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने शकील की पत्नी शबाना और शाइना को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। वहीं, दूसरे आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फैक्ट्री में विस्फोटक सामग्री किस तरह लाई गई और इस पूरे कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल थे।
लाइसेंस और दस्तावेजों की भी जांच
जांच का एक अहम हिस्सा फैक्ट्री के लाइसेंस और विस्फोटक सामग्री के भंडारण से जुड़े दस्तावेज हैं। बताया जा रहा है कि नौशाद अपने बेटे आदिल के नाम से ‘आदिल डीजे’ के नाम पर पटाखा फैक्ट्री चला रहा था। स्थानीय स्तर पर यह भी जानकारी सामने आई है कि करीब दो साल पहले प्रशासन ने इस फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बावजूद फैक्ट्री के दोबारा चोरी-छिपे चलने की बात कही जा रही है। हालांकि, फैक्ट्री के वैध या अवैध होने को लेकर प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में जांच के दौरान लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों की स्थिति भी साफ की जा रही है।
प्रशासन ने चलाया बुलडोजर
हादसे के बाद प्रशासन ने घनी आबादी वाले इलाकों में विस्फोटक सामग्री के भंडारण के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है। मनौरी कस्बे में एक मकान से बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद उसे सुरक्षित तरीके से दो DCM वाहनों में लोड कराया गया। इसके बाद सामग्री को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने संबंधित मकान पर बुलडोजर कार्रवाई करते हुए उसे गिरा दिया। इस कार्रवाई का मकसद आबादी वाले इलाके में विस्फोटक सामग्री के संभावित खतरे को खत्म करना बताया जा रहा है।
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ATS भी जांच में जुटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब ATS भी जांच में शामिल हो गई है। स्थानीय पुलिस और ATS यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फैक्ट्री में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री कैसे पहुंची। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि विस्फोटक सामग्री रखने के नियमों का पालन किया गया था या नहीं। पुलिस इस पूरे मामले से जुड़े लोगों और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
फिलहाल आरोपी नौशाद पुलिस की गिरफ्त में है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ ही पटाखा फैक्ट्री में हुए इस खौफनाक विस्फोट की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।



















