मऊ। विधानसभा क्षेत्र घोसी से समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ विधायक सुधाकर सिंह का गुरुवार सुबह 7 बजे निधन हो गया। उन्होंने 67 साल की उम्र में लखनऊ के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। लंबे समय से हार्ट के मरीज रहे सुधाकर सिंह की अचानक तबीयत खराब होने के बाद उन्हें वाराणसी से लखनऊ रेफर किया गया था। उनका निधन सपा और स्थानीय राजनीतिक हलकों में शोक की लहर छोड़ गया।
सुधाकर सिंह दो दिन पहले मऊ सदर के विधायक अब्बास अंसारी के छोटे भाई उमर अंसारी के वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होकर दिल्ली लौट रहे थे। रास्ते में वाराणसी एयरपोर्ट पर उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। परिजनों ने उन्हें पहले वाराणसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल भेजा गया, जहां सुबह उनका निधन हो गया।
सुधाकर सिंह का जन्म घोसी नगर के ग्राम पंचायत भावनपुर में हुआ था। स्व. कुलदीप सिंह के चार पुत्रों में वे तीसरे थे। छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे सुधाकर सिंह ने 17 वर्ष की आयु में आपातकाल के दौरान जयप्रकाश नारायण के समग्र क्रांति आंदोलन में भाग लिया और जेल भी गए। जेल से लौटने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महामंत्री बने। 1977-78 और 1978-79 सत्र में सर्वोदय डिग्री कॉलेज घोसी के अध्यक्ष भी चुने गए।
सुधाकर सिंह ने 1996 में नत्थूपुर विधानसभा सीट से विधायक के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। 2012 में उन्होंने कैबिनेट मंत्री फागू चौहान को हराया। 2023 के उपचुनाव में उन्होंने भाजपा के कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान को पराजित कर सपा समर्थित इंडी गठबंधन को जीत दिलाई।
सुधाकर सिंह जिले के कद्दावर नेताओं में शामिल थे जिन्होंने कभी दल नहीं बदला। दो बार पार्टी से निष्कासित किए जाने के बावजूद वे जन समस्याओं के लिए हमेशा सक्रिय रहे। उनके नेतृत्व में कई धरना प्रदर्शन और आंदोलन हुए, जिसके चलते उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा। वर्तमान में उनके खिलाफ विभिन्न न्यायालयों में कई मुकदमे विचाराधीन थे।