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Peoples Update Special :नर्मदा में गंदगी मिलने से रोकने और हरियाली बढ़ाने पर खर्च होंगे 10 हजार करोड़ रुपए

नर्मदा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए सरकार ने 5 वर्ष में 10 हजार करोड़ रुपए खर्च करने का प्लान तैयार किया है। इसमें नर्मदा में अपशिष्ट (सीवेज वॉटर, कचरा) मिलने से रोकने और हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ धार्मिक और पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने पर कई काम होंगे।
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नर्मदा में गंदगी मिलने से रोकने और हरियाली बढ़ाने पर खर्च होंगे 10 हजार करोड़ रुपए
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अशोक गौतम,भोपाल। प्रदेश में पहली बार ऐसा हो रहा है जब नर्मदा के संरक्षण के लिए शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में एक साथ काम होंगे। इसके लिए कंसल्टेंसी आईआईटी इंदौर करेगा। यह काम नमामि गंगे अभियान के तहत किया जाएगा। तरल-ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के स्थाई काम होंगे। इस पर पंचायत और निकाय मॉनिटरिंग करेंगे। घाटों पर बने शौचालय, स्नान कक्ष का पानी नदी में मिलने से रोका जाएगा।

    कैचमेंट में बढ़ाई जाएगी हरियाली

    नर्मदा के किनारे और उसके कैचमेंट क्षेत्र में पौधरोपण किया जाएगा। सेटेलाइट सर्वे होगा, जहां पर कम हरियाली है, वहां बढ़ाई जाएगी। इससे जल संरक्षण के साथ मिट्टी के कटाव और  नदी के तेज बहाव को कम किया जा सकेगा। यह काम किसानों, वन, पंचायत, कृषि, उद्यानिकी विभाग के साथ मिलकर काम करेंगे। 

    बाढ़ क्षेत्र का पुनर्वास 

    बाढ़ क्षेत्र में आने वाली बस्तियों का पुनर्वास किया जाएगा। यहां जो कच्चे मकान, झुग्गियां और अस्थाई आवास हैं, उन्हें पक्के आवास की व्यवस्था की जाएगी। अगर वो दूसरी जगह बसना चाहते हैं तो इसमें उनका सहयोग होगा।

    घाटों पर बढ़ेंगी सुविधाएं

    नर्मदा के घाटों का विकास होगा। घाटों का  पक्का निर्माण, घाट से पानी तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां, जाली, रेलिंग, लाइट, पीने के लिए पानी, प्रकाश, रैन बसेरा, शौचालय सीवेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा।

    नर्मदा परिक्रमा का विकास

    नर्मदा परिक्रमा क्षेत्र का विकास होगा। यहां से पगडंडियों को लोगों के चलने ते लिए तैयार किया जाएगा, कच्ची सड़कें बनाई जाएगी। पानी, ठहरने के लिए आश्रम, छांव के लिए धार्मिक महत्व के पौधे लगाए जाएंगे।

     धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन महत्व क्षेत्र का विकास

    नर्मदा के किनारे बने धार्मिक, पर्यटन ऐतिहासिक महत्व के स्थलों, भवनों, मठ-मंदिरों का विकास होगा। सड़कों से वहां तक के लिए पहुंच मार्ग बनाया जाएगा। इसके अलावा इनके महत्व के संबंध में लोगों को जागरुक किया जाएगा।

    पहले भी हुए प्रयास

    1. प्रदेश के 19 शहरों से होकर नर्मदा निकलती है। इन शहरों के सीवेज का पानी नर्मदा में सीधे न मिले, इसके लिए सरकार करीब 14 सौ करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। इन शहरों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लाट लगाए हैं।
    2.  शिवराज सरकार ने नर्मदा के किनारे एक ही दिन में 6 करोड़ 67 लाख 50 हजार पौधे लगाए गए थे। पिछले वर्ष जुलाई में शहरी क्षेत्र में एक पेड़ मां के नाम 30 लाख पौधे लगाए गए।
    3.  जुलाई में नर्मदा नदी की 10 किलोमीटर परिधि में आने वाले 12 वन मंडलों में पौधरोपण पर 124 करोड़ रुपए खर्च हुए।
    4.  प्रदेश के 38 उद्योगों ने 38 लाख पौधे लगाए।

    एक्शन प्लान तैयार किया

    नर्मदा को अविरल बनाने और जल को प्रदूषित होने से रोकने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है, आईआईटी इंदौर कंसल्टेंसी करेगी। पांच वर्ष में पर्यटन, धार्मिक स्थल, घाटों का समग्र विकास होगा।

    संकेत भोंडवे, आयुक्त, नगरीय विकास एवं आवास विभाग

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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