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लग्जरी लाइफ की आड़ में ड्रग्स का साम्राज्य! भोपाल का स्कूल प्रिंसिपल निकला एमडी ड्रग्स तस्कर, अन्य परतें खुलीं

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लग्जरी लाइफ की आड़ में ड्रग्स का साम्राज्य! भोपाल का स्कूल प्रिंसिपल निकला एमडी ड्रग्स तस्कर, अन्य परतें खुलीं
बाबा शर्मा ,रिशु झा व अलीशा मसीह
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर। वीकेंड पर भोपाल से इंदौर पार्टी करने आए अबान शकील की गिरफ्तारी के बाद एमडी ड्रग्स से जुड़े हाई-प्रोफाइल नेटवर्क की कहानी अब सिर्फ तस्करी तक सीमित नहीं रह गई है,  अबान शकील के साथ वैभव उर्फ बाबा पहले ही गिरफ्तार हो चुका है, जबकि रतलाम के सुभाष नगर निवासी अलीशा उर्फ जैनी मसीहा और नेहा उर्फ रिशु झा भी पुलिस रिमांड पर हैं। चारों से लगातार हो रही पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ है कि एमडी ड्रग्स की सप्लाई केवल सीमित दायरे में नहीं, बल्कि इंदौर, भोपाल और रतलाम के हाई-प्रोफाइल पार्टी सर्किट तक फैली हुई थी।

    सूत्रों के मुताबिक, अबान की गिरफ्तारी के दौरान इंदौर के 56 दुकान क्षेत्र में रेस्टोरेंट संचालित करने वाले आशुतोष और भोपाल के एक युवक को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था। पूछताछ में दोनों के ड्रग नेटवर्क से संपर्क, लेन-देन और आपसी संवाद से जुड़े साक्ष्य सामने आए। डिजिटल ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल्स और चैट रिकॉर्ड ने इनकी भूमिका को संदिग्ध बना दिया था।

    हालांकि, बताया जा रहा है कि दोनों को उसी रात छोड़ दिया गया। सूत्रों का दावा है कि कार्रवाई से बाहर रहने के लिए करीब ₹9 लाख का लेन-देन हुआ, जिसके बाद उन्हें राहत मिल गई। यह पहलू सामने आने के बाद पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं और जांच की निष्पक्षता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    इसी बीच, कायनात खान का नाम जांच के केंद्र में आ गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कायनात ड्रग्स की सप्लाई, पार्टियों में नेटवर्क को जोड़ने और नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने में अहम भूमिका निभा रही थी। वह हाई-प्रोफाइल युवाओं और पार्टी आयोजकों के संपर्क में थी, जिससे ड्रग्स की डिमांड लगातार बनी रहती थी। पुलिस अब उसके संपर्क सूत्रों, बैंक खातों और डिजिटल गतिविधियों की गहन पड़ताल कर रही है।

    जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क केवल छोटे तस्करों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे संगठित गिरोह काम कर रहा है, जो लंबे समय से अलग-अलग शहरों में अपनी पकड़ बना चुका था। इंदौर को ट्रांजिट हब की तरह इस्तेमाल कर भोपाल और रतलाम तक सप्लाई की जाती थी।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर नेटवर्क की कड़ियां तेजी से खुल रही हैं और आने वाले दिनों में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। साथ ही, जिन लोगों को शुरुआती दौर में छोड़ा गया, उनकी भूमिका भी दोबारा जांच के दायरे में लाई जा सकती है।

    फिलहाल, एमडी ड्रग्स का यह मामला अब सिर्फ तस्करी नहीं, बल्कि कथित सौदेबाजी, प्रभाव और संरक्षण की परतों को भी उजागर करता नजर आ रहा है। शहर से लेकर प्रदेश स्तर तक यह सवाल गूंज रहा है कि आखिर ड्रग नेटवर्क को पनपने का मौका किसकी शह पर मिला और इसमें कौन-कौन शामिल है। पुलिस की अगली कार्रवाई पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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