सागर जहरीली शराब कांड पर जबलपुर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, 32 आरोपी गिरफ्तार

जबलपुर। दमोह के वैभव सिंह ठाकुर ने सागर में जहरीली शराब पीने से हुई 39 मौतों के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर याचिका दाखिल की थी। राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि 52 लोगों के खिलाफ 3 एफआईआर दर्ज कर 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया है। शराब कांड की न्यायिक जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस वीपीएस चौहान की अध्यक्षता में आयोग बनाया गया है, वहीं शराब ठेकेदार सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा की लाइसेंस निरस्ती के खिलाफ याचिका भी खारिज कर दी गई है।
सरकार ने बताई कार्रवाई, 32 लोग गिरफ्तार
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह ने बताया कि घटना के तत्काल बाद मुख्यमंत्री खुद मौके पर गए थे। सरकार ने मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा दिया है। मामले में 52 लोगों के खिलाफ 3 एफआईआर करके 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 20 किमी के दायरे में 7 कंपोजिट शराब दुकानों को भी सील किया गया है।
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102 मरीजों का हुआ मुफ्त इलाज
सरकार ने बताया कि सिविल अस्पताल बांदा, जिला अस्पताल सागर और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में लगभग 102 प्रभावित मरीजों का मुफ्त इलाज किया गया। 11 से 19 सितंबर के बीच विशेष टीमों ने 70 स्वास्थ्य शिविर लगाकर 1969 मरीजों की जांच की। आबकारी और पुलिस विभाग द्वारा अवैध शराब बनाने, भंडारण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार छापे मारे जा रहे हैं और विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
जांच को लेकर आपत्ति है तो आयोग में रखें बात
याचिका पर मंगलवार को चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता को जांच को लेकर कोई आपत्ति है, तो वह रिटायर्ड जस्टिस वीपीएस चौहान की अध्यक्षता वाले आयोग के सामने अपनी बात रख सकता है। बेंच ने याचिका में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए उसका निराकरण कर दिया।
वैभव सिंह ठाकुर ने दाखिल की थी जनहित याचिका
दमोह की ग्राम पंचायत छपरी में रहने वाले वैभव सिंह ठाकुर ने यह जनहित याचिका दाखिल की थी। इसमें सागर में जहरीली शराब पीने से हुई 39 मौतों के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ श्रीवास्तव और राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह, पैनल अधिवक्ता आकाश मालपाणी और अद्वित्य पाराशर ने दलीलें रखीं।
शराब ठेकेदार की लाइसेंस निरस्ती की चुनौती खारिज
इसी मामले में शराब ठेकेदार सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा का लाइसेंस आबकारी विभाग द्वारा निरस्त किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि ठेकेदार के पास अपील का विकल्प मौजूद है। चूंकि वह फरार है और याचिका पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से दाखिल की गई है, इसलिए यह विचारणीय नहीं है।
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5 सितंबर की मौत के बाद 11 सितंबर को लाइसेंस निरस्त
सागर में जहरीली शराब पीने से 5 सितंबर 2026 को रोशन नामक व्यक्ति की मौत होने के बाद आबकारी विभाग ने ठेकेदार सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा का लाइसेंस 11 सितंबर को निरस्त कर दिया था। लाइसेंस निरस्ती के मामले में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता नीलेश यादव और उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने पैरवी की। वहीं शराब कांड की न्यायिक जांच जस्टिस वीपीएस चौहान आयोग के माध्यम से जारी है।




















