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अयोध्या में मंदिर विरोधियों के मुंह पर लगाने वाला ताला लाईं साध्वी

रामनगरी में शबरी के बेर, महाकाय लड्डू भी आया

अयोध्या से राजीव सोनी। देश के कौने-कौने से भगवान श्रीराम के प्रति तरह-तरह से अपनी आस्था प्रकट करने वालों में होड़ लगी है। रामजी की ननिहाल छत्तीसगढ़ से रामभक्तों का जत्था बेर फल और वटवृक्ष की उस प्रजाति (कृष्ण बट) का पौधा लेकर पहुंचे जिसके पत्ते कटोरीनुमा होते हैं। हैदराबाद के एन नागाभूषणम रेड्डी 1265 किलोग्राम का विशालकाय लड्डू रामलला को भेंट करने शनिवार को अयोध्या पहुंचे। वहीं महामंडलेश्वर अन्नपूर्णादेवी ने 400 किग्रा वजन का महाकाय अलीगढ़ी ताला राम जन्मभूमि ट्रस्ट को सौंपा।

उन्होंने कहा, यह ताला मंदिर का विरोध करने वालों के मुंह पर लगेगा, जो मंदिर निर्माण पर सवाल उठाते थे। शबरी के बेर और कृष्ण बट: छत्तीसगढ़ के शिवरीनारायण से चार दिन में अयोध्या पहुंचे अनूप यादव ने पीपुल्स समाचार को बताया कि 17 लोग विशेष रथ में यह पौधा लेकर आए हैं। यह पौधा ट्रस्ट को सौंपा गया जो कि यहां रोपा जाएगा। इस बट के पत्ते दौने के आकार में होते हैं जिसमें रखकर शबरी ने वनवास के दौरान भगवान राम को बेर फल खिलाए थे।

1265 किलो का लड्डू

हैदराबाद में खान-पान के कारोबार से जुड़े रेड्डी ने 2020 में संकल्प लिया था कि जिस दिन राममंदिर बनकर तैयार होगा उतने किलो का बेसन, मेवा के लड्डू का भोग रामलला को चढ़ाएंगे। इसी संकल्प को पूरा करने वह विशेष वाहन में 1265 किलोग्राम का विशाल लड्डू लेकर कारसेवकपुरम पहुंचे।

ताले का अजूबा

अलीगढ़ से महामंडलेश्वर साध्वी 400 किग्रा, 10 फुट ऊंचा और 6 फुट चौड़ा अजूबा ताला मंदिर ट्रस्ट को भेंट करने पहुंचीं। ताले की चाबी ही 20 किलो की है। कारसेवकपुरम में ट्रस्ट ने बड़ी क्रेन से ताले को उठाकर गेट के सामने रखवा दिया। साध्वी ने कहा कि यह ताला उन लोगों के मुंह पर लगेगा, जो संतों के मंदिर निर्माण संबंधी संकल्प पर सवाल उठाते थे।

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