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 गांधी सागर के जंगल के आगे स्विटजरलैंड के जंगल भी फेल : डॉ. मोहन यादव

मंदसौर में गांधी सागर फॉरेस्ट रिट्रीट फेस्टिवल का किया शुभारंभ
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 गांधी सागर के जंगल के आगे स्विटजरलैंड के जंगल भी फेल : डॉ. मोहन यादव

संतोष चौधरी  
गांधी सागर . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गांधी सागर के जंगल के आगे स्विटजरलैंड के जंगल भी फेल हैं। गांधी सागर के प्राकृतिक वातावरण के जरिए हम दुनिया के पर्यटकों को यहां ला सकते हैं। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार शाम को गांधी सागर डैम के पास गांधी सागर फॉरेस्ट रिट्रीट फेस्टिवल का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने एमपी पर्यटन निगम के एमडी डॉ. इलैया राजा टी. से कहा कि क्रूज चलाओ, जैसे महासागर में चलता है। रतलाम तक क्रूज ले जाओ, जहां तक रास्ता मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल में सड़कें पक्की नहीं थी। हवाई जहाज और रेल कहां थे, लेकिन जलमार्ग हमेशा थे।  यदि उज्जैन से गंगाजी की यात्रा पर किसी को जाना है तो चंबल नदी से होते हुए जाते थे। ऐसे पर्यटन के केंद्रों का आनंद ही अलग है। 

अब अफीम की भाजी खाकर ही जाऊंगा 

मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने पहले सोचा था कि जल्दी चला जाऊंगा। फिर मैंने सोचा कि मैं यहां आया हूं तो अफीम की भाजी खाने का अलग ही आनंद आएगा। अब खाकर ही जाऊंगा। लोग अफीम सुनकर डर जाते हैं, लेकिन यहां के लोग अफीम की भाजी खाते हैं। ऐसा टेस्ट कि एक बार मेहमान खाए तो बार-बार खाए।

चीता मिले या नहीं, यहां दौड़ लगाते दिखेगा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें इस बात का आनंद है कि चीता कहीं मिले या नहीं मिले, हमारे गांधी सागर में दौड़ लगाते हुए दिखेगा। चीता पूरे एशिया में नहीं है, लेकिल एमपी में दो-दो जगहों पर चीते मिलेंगे। गिद्ध की प्रजाति दूसरे नंबर पर कहीं है तो इसी अंचल में है। परमात्मा की कृपा नीमच-मंदसौर में थोड़ी ज्यादा हुई है। 

Aniruddh Singh
By Aniruddh Singh

अनिरुद्ध प्रताप सिंह। नवंबर 2024 से पीपुल्स समाचार में मुख्य उप संपादक के रूप में कार्यरत। दैनिक जाग...Read More

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