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प्रदेश के 22 जिलों में एक भी पीएनजी कनेक्शन नहीं, बड़े शहरों में भी धीमी चाल

2034 तक 60 लाख कनेक्शन का टारगेट, अभी हुए सिर्फ 2.93 लाख
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प्रदेश के 22 जिलों में एक भी पीएनजी कनेक्शन नहीं, बड़े शहरों में भी धीमी चाल

पुष्पेन्द्र सिंह 
भोपाल। प्रदेश में शहरी गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क का विस्तार करने में कंपनियों को तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, इसके चलते वर्ष 2034 तक पचास जिलों में 60 लाख पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन करने के मिले लक्ष्य के विरुद्ध अभी तक महज तीन लाख घरों तक ही सफलता मिली है। इनमें 22 जिलों में एक भी घर में पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन नहीं है। वहीं इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर  में टारगेट से अधिक कनेक्शन हो चुके हैं। भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, श्योपुर, देवास, रतलाम, रायसेन, शाजापुर, सीहोर,  में कनेक्शन की रफ्तार धीमी है। बड़े शहरों में जबलपुर सबसे पीछे है।  सीएनजी स्टेशन के मामले में अब तक 414 स्टेशन बन सकें हैं जबकि टारगेट 1,255 का है। 

इन जिलों में एक भी घरेलू कनेक्शन नहीं 

बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, हरदा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मंडला, उमरिया, डिंडौरी, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, अनूपपुर, आगर मालवा, नीमच और मंदसौर। अशोकनगर जिले  में 3,885 का लक्ष्य है, जहां छह साल में 1,804 घरेलू कनेक्शन हुए हैं।

पाइपलाइन बिछाने में अड़चनें

-केंद्र और सरकार अथवा किसी निगम से पाइपलाइन बिछाने के लिए भूमि उपयोग की सहमति लेना।
-निजी लोगों की भूमि अधिग्रहण करने के पहले आपत्तियों की सुनवाई । 
-भूमि स्वामियों को समय पर मुआवजा राशि उपलब्ध नहीं होना।
-फसलों, पेड़ों और फलों जैसी उपज की जांच करना।
-फसल, इमारती लकड़ी और फल का बाजार मूल्य के हिसाब से आकलन करना।
-सरकारी निर्माण एजेंसियों जैसे पीडब्ल्यूडी, निकाय की मंजूरी लेना।
-पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखना आदि।

सीधी बात  

कर्मवीर शर्मा, संचालक, खाद्य एवं नागरिक  उपभोक्ता संरक्षण

सवाल : प्रदेश के 50 जिलों में पीएनजी (घरेलू) कनेक्शन में बिलंब क्यों हो रहा?
जवाब : अलग-अलग समय में टारगेट है। आठ साल में पूरा करना है।
सवाल : छोटे जिलों में अबतक पाइप लाइन ही नहीं बिछीं।
जवाब : पाइपलाइन बिछाने के पहले बहुत सी अनुमतियां लेना पड़ती है।
सवाल : कंपनियों की समस्याओं का निराकरण जल्द क्यों नहीं किया जाता?
जवाब : हमने सिंगल विंडो पोर्टल बना लिया है। अब कंपनियों को विभाग-विभाग नहीं जाना होगा। 
एक आवेदन भी ट्रायल के तौर पर स्वीकार किया है। 

पाइप लाइन मिले तो हल होगी परेशानी

सुना है कि हमारे जिले में नेचुरल गैस पाइप लाइन बिछाई जा रही है। अभी तक तो कुछ भी नजर नहीं आ रहा। अगर जल्द पीएनजी कनेक्शन मिले तो हमें हर माह गैस सिलेंडर लेने की समस्या से निजात मिलेगी।
-रघुराज सिंह गौर, 
बगौता रोड, छतरपुर

Aniruddh Singh
By Aniruddh Singh

अनिरुद्ध प्रताप सिंह। नवंबर 2024 से पीपुल्स समाचार में मुख्य उप संपादक के रूप में कार्यरत। दैनिक जाग...Read More

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