प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना आज देश के करोड़ों परिवारों के लिए राहत का सबसे बड़ा सहारा बन चुकी है। अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते जहां LPG महंगा हुआ है वहीं PMUY के लाभार्थियों को अभी भी 00 रुपये की राहत बरकरार है। इस योजना का मकसद गरीब परिवारों खासकर महिलाओं को धुएं से मुक्त रसोई देना और उन्हें LPG जैसी साफ ऊर्जा से जोड़ना है। पहले जहां गांवों में लकड़ी, कोयला और गोबर के चूल्हों पर खाना बनता था वहीं अब गैस चूल्हे ने जिंदगी को काफी आसान बना दिया है।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है सब्सिडी। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को हर LPG सिलेंडर पर 300 रुपये की छूट मिलती है। यानी बाजार में जो कीमत चल रही है उससे सीधे 300 रुपये कम में सिलेंडर मिल जाता है। इसके साथ ही फ्री गैस कनेक्शन दिया जाता है जहां कोई सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं देना पड़ता और इंस्टॉलेशन भी मुफ्त होता है।
अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण LPG महंगा जरूर हुआ है लेकिन उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए 300 रुपये की राहत अभी भी जारी है। यही वजह है कि महंगाई के दौर में भी यह योजना आम लोगों के लिए बड़ी मददगार साबित हो रही है।
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यह योजना खास तौर पर BPL परिवारों के लिए है। लाभार्थियों को साल में 12 सिलेंडर तक सब्सिडी का फायदा मिलता है जिससे रसोई का खर्च काफी हद तक कंट्रोल में रहता है।
इस योजना की शुरुआत नरेंद्र मोदी ने 1 मई 2016 को की थी। तब से लेकर अब तक 10 करोड़ से ज्यादा परिवार इससे जुड़ चुके हैं जो अपने आप में बड़ा आंकड़ा है।
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उज्ज्वला योजना का असर सिर्फ घर तक सीमित नहीं है। गांवों में गैस एजेंसी, डिलीवरी और सप्लाई से जुड़े नए रोजगार भी पैदा हुए हैं। साथ ही महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और परिवार के फैसलों में उनकी भागीदारी भी पहले से ज्यादा हुई है।