Garima Vishwakarma
5 Feb 2026
संतोष चौधरी,भोपाल। रातापानी, कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा, पन्ना सहित मध्यप्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में कोर एरिया के बीच और उसे जोड़ने वाली सड़कों पर सूर्यास्त से सूर्योदय तक यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित करने की तैयारी है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के अनुपालन में लिया जा रहा है, जिसमें वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में रात के समय मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि इस फैसले से प्रदेशभर में दर्जनभर सड़कें प्रभावित हो सकती हैं। इससे वहां रहने वाली बड़ी आबादी और वहां से गुजरने वाला ट्रैफिक भी प्रभावित होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने 17 नवंबर को एक फैसला दिया है। इन बिंदुओं के पालन करते हुए सरकार ने नाइट सफारी व मोबाइल पर बैन लगाने के आदेश जारी कर दिया है। अब टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र की सड़कों के बारे में विचार किया जा रहा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस मामले में विभाग ने कोर्ट के फैसले का परीक्षण कर रहा है और सभी पार्क प्रबंधन से वहां की सड़कों के बारे में जानकारी बुलाई है। प्रदेश में ऐसी एक दर्जन से अधिक सड़कें चिन्हित की गई हैं, जो सीधे टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से होकर गुजरती हैं या उसे जोड़ती हैं।
प्रतिबंध के दौरान केवल आवश्यक सेवाओं को ही छूट दी जाएगी। एंबुलेंस, पुलिस, अग्निशमन, वन विभाग के वाहन और आपातकालीन परिस्थितियों में सीमित संख्या में वाहनों को विशेष अनुमति के साथ आवागमन की इजाजत मिलेगी।
वाइल्ड लाइफ के संरक्षण और सुरक्षा के संबंध में सुप्रीम कोर्ट का आदेश सराहनीय है। वैसे मप्र में शाम के बाद अधिकांश टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र बंद हो जाते हैं। आदेश के दायरे में आने वाली सड़कों के बारे में सरकार को निर्णय लेना चाहिए।
सुदेश वाघमारे, सदस्य, स्टेट वाइल्फ लाइफ बोर्ड, मप्र
सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य है। रात में ट्रैफिक बंद होने से बाघों और अन्य वन्यजीवों की स्वच्छंद आवाजाही सुनिश्चित होगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में कमी आएगी। अवैध खनन, वन्य प्राणियों के दुर्घटनाओं पर भी रोक लगेगी।
अजय दुबे, वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के दायरे में टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र की कितने सड़कें आ रही है, इसके बारे में परीक्षण किया जा रहा है। इस मामले में उचित निर्णय लिया जाएगा। हम पहले ही नाइट सफारी और मोबाइल फोन पर बैन लगा चुके हैं।
शुभरंजन सेन, PCCF (wild Life)