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महिला अपराध में राजस्थान अव्वल, यूपी दूसरे, मप्र तीसरे नंबर पर

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने जारी की रिपोर्ट
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महिला अपराध में राजस्थान अव्वल, यूपी दूसरे, मप्र तीसरे नंबर पर

नई दिल्ली। देश के विभिन्न पुलिस स्टेशनों पर दर्ज अपराधों पर एनसीआरबी ने नई रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2022 में महिलाओं और बच्चों पर हिंसा के मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। वहीं महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध में 4%, 8.7% और 9.3% की वृद्धि हुई है। आर्थिक और भ्रष्टाचार से जुड़े अपराधों में भी 11.1% की वृद्धि हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 4,45,256 मामले दर्ज किए गए, जो 2021 में 4,28,278 की तुलना में 4% ज्यादा हैं। इसमें अधिकांश मामले पति-पत्नी या उनके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता (31.4%) के बाद अपहरण से संबंधित हैं। इसमें अपहरण (19.2%), शील भंग (18.7%), बलात्कार (7.1%) के मामले अलग हैं। महिला अपराध में राजस्थान पहले नंबर पर कुल 31,516 बलात्कार के मामलों में से अधिकतम 5,399 राजस्थान से दर्ज किए गए। इसके बाद यूपी (3,690), मप्र (3,029), महाराष्ट्र (2,904) व हरियाणा (1,787) रहे। वहीं दिल्ली में पिछले वर्ष 1,212 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए। प्रति लाख महिला जनसंख्या पर दर्ज अपराध दर 2021 में 64.5 की तुलना में 2022 में 66.4 रही।

सीनियर सिटिजन के खिलाफ बढ़ी हिंसा

2021 में 26,110 मामलों की तुलना में 2022 में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध 9.3% बढ़कर 28,545 मामले हो गए। इनमें से अधिकांश मामले (7,805 या 27.3%) चोट के बाद चोरी (3,944 या 13.8%) से संबंधित रहे। वहीं, एससी के खिलाफ अपराध 13.1% बढ़ गए हैं। 2021 में 50,900 मामलों से बढ़कर 2022 में 57,582 मामले हो गए। एसटी के खिलाफ अपराध में 14.3% की वृद्धि हुई। 2022 के दौरान बच्चों के खिलाफ अपराध के 1,62,4 दर्ज किए गए, जो 2021 की तुलना में 8.7% (1,49,404 मामले) की वृद्धि दिखाता है।

65,893 हजार से ज्यादा साइबर क्राइम हुए

रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022 में साइबर क्राइम के 65,893 मामले देश भर में दर्ज किए गए। वर्ष 2021 में 52974 मामले दर्ज हुए थे। इस तरह एक साल के दौरान साइबर अपराध में 24.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इनमें करीब 65 फीसदी मामले धोखाधड़ी के हैं। यानी 65893 मामलों में 42710 धोखाधड़ी के मामले हैं। जबकि 3648 मामले जबरन उगाही के हैं।

अचानक होने वाली मौत के आंकड़े चौंकाने वाले

साल 2021 के मुकाबले साल 2022 में अचानक मौत की संख्या में 11.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जो बेहद चौंकाने वाली है। साल 2022 में 56653 अचानक मौत हुई, जिसमें 32410 मौतें दिल का दौरा पड़ने से, जबकि 24243 मौतें दूसरे कारणों से हुई हैं। अचानक मरने वालों में सबसे अधिक मौतें 19456, 45 से 60 आयु वर्ग के लोग थे।

पिछले साल 2.5 लाख केस कम दर्ज हुए है

साल 2021 में आत्महत्या के 164033 मामले थे, जबकि 2022 170924 यानी करीब 6 हजार ज्यादा लोग ने मौत को गले लगाया। साल 2022 में कुल 58,24,946 संज्ञेय अपराध दर्ज किए गए, जबकि 2021 में इसकी संख्या 60,96,310 मामले दर्ज किए गए। इस तरह पिछले साल करीब ढाई लाख मामले कम दर्ज किए गए। साल 2022 में हत्या के मामलों में सबसे अधिक प्राथमिकी यूपी में दर्ज की गईं। यूपी में इन मामलों में 3,491 प्राथमिकी दर्ज की गई। बिहार (2,930), महाराष्ट्र (2,295), मप्र (1,978) और राजस्थान (1,834) में प्राथमिकी दर्ज की गर्ईं।

Javedakhtar Ansari
By Javedakhtar Ansari

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