रायसेन :पहचान की भूल बनी मौत की वजह...48 घंटे में अंधे कत्ल का खुलासा, जिस भाई को मारना था उसकी जगह हार्डवेयर कारोबारी की कर दी हत्या

रायसेन। जिले के सांची थाना क्षेत्र में हार्डवेयर व्यापारी राकेश लोधी की सनसनीखेज हत्या के मामले का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने हत्या की साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों का असली निशाना मृतक का भाई था, लेकिन अंधेरे में पहचान की गलती के कारण राकेश लोधी की हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार 25 जुलाई की रात करीब 9:40 बजे राकेश लोधी अपने भाई बबलेश लोधी के साथ सलामतपुर चौराहे स्थित दुकान बंद कर मोटरसाइकिल से गांव मेढ़की लौट रहे थे। रास्ते में अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोककर तलवार से हमला कर दिया, जिसमें राकेश लोधी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए थे।
एसपी के निर्देशन में गठित हुई विशेष टीम
हत्या की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक नायक के मार्गदर्शन में एसडीओपी प्रतिभा शर्मा के नेतृत्व में तीन थाना क्षेत्रों की संयुक्त टीम बनाई गई। घटनास्थल के निरीक्षण, मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने भोपाल के करोंद क्षेत्र निवासी गोलू उर्फ धीरेंद्र पाल, बाबू उर्फ प्रिंसराज तथा एक विधि-विरुद्ध बालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
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एक तरफा प्रेम और रंजिश से रची गई थी हत्या की साजिश
पूछताछ में मुख्य आरोपी ने खुलासा किया कि वह मृतक के भाई भगवानदास लोधी की पत्नी से एकतरफा प्रेम करता था। महिला का भगवानदास से विवाद होने के बाद आरोपी ने भगवानदास से रंजिश पाल ली और उसकी हत्या की साजिश रच डाली। वारदात को अंजाम देने के दौरान अंधेरे में पहचान की गलती हो गई और भगवानदास की जगह उसके भाई राकेश लोधी पर हमला कर दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
तीन आरोपी गिरफ्तार, अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने मामले में दो युवकों और एक विधि-विरुद्ध बालक को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में भोपाल निवासी गोलू उर्फ धीरेंद्र पाल (25 वर्ष) और बाबू उर्फ प्रिंसराज (25 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। इस अंधे कत्ल के खुलासे में एसडीओपी प्रतिभा शर्मा, थाना प्रभारी सांची निरीक्षक राम विलोकन शर्मा, थाना प्रभारी सलामतपुर निरीक्षक श्यामराज सिंह, उपनिरीक्षक आनंदीलाल सूर्यवंशी, साइबर सेल सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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