मूंग खरीदी पर भड़के किसान!बैरिकेड तोड़ भोपाल की ओर कूच… CM हाउस घेरने की चेतावनी

भोपाल। मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी नीति के विरोध में किसानों का प्रदर्शन अब बड़े आंदोलन में बदलता दिखाई दे रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर नर्मदापुरम से भोपाल तक पैदल मार्च शुरू किया है। किसानों का आरोप है कि सरकार उनकी पूरी मूंग फसल समर्थन मूल्य पर नहीं खरीद रही है। आंदोलन को रोकने के लिए प्रशासन ने जगह जगह पुलिस बल और बैरिकेड लगाए लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। किसानों के भोपाल पहुंचने की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री निवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
मूंग खरीदी को लेकर किसानों का गुस्सा
मध्य प्रदेश में मूंग की सरकारी खरीदी को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच टकराव बढ़ गया है। किसानों की मांग है कि उनकी पूरी मूंग उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर खरीदा जाए। इसी मांग को लेकर नर्मदापुरम, हरदा और सीहोर समेत कई जिलों के किसान भोपाल की ओर निकल पड़े हैं। संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े कई किसान संगठनों ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया है। किसानों का कहना है कि मौजूदा खरीदी व्यवस्था से बड़ी संख्या में किसान परेशान हैं और उन्हें अपनी फसल बेचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
नर्मदा पूजन के बाद शुरू हुई पदयात्रा
किसानों ने नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर नर्मदा पूजन और धार्मिक कार्यक्रम के बाद भोपाल कूच शुरू किया। इससे पहले प्रशासन ने कई किसान नेताओं को रोकने और नजरबंद करने की कोशिश की थी। हालांकि, किसान अलग अलग रास्तों से पहुंचकर आंदोलन में शामिल हो गए। किसानों ने ऐलान किया है कि वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री निवास तक जाएंगे। उनका कहना है कि केवल बातचीत से नहीं बल्कि ठोस फैसले से ही आंदोलन खत्म होगा।
ये भी पढ़ें: तीन साल का इंतजार खत्म! भोपाल के नए रेलवे स्टेशन निशातपुरा का CM मोहन यादव करेंगे शुभारंभ, दौड़ेंगी एक्सप्रेस ट्रेनें
बैरिकेडिंग के बावजूद आगे बढ़े किसान
किसानों के मार्च को रोकने के लिए प्रशासन ने कई जगहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया था। नर्मदापुरम से लेकर बुधनी तक रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए थे। पुलिस ने किसानों को समझाने की कोशिश की लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। किसानों ने कई जगह लगाए गए बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
मुख्यमंत्री निवास के बाहर घेरा मजबूत
किसानों के राजधानी पहुंचने की संभावना को देखते हुए भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री निवास के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और कई रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं। पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
किसानों की आठ मांगें
किसानों की सबसे प्रमुख मांग मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी MSP पर करना है। इसके अलावा किसान ई-टोकन व्यवस्था में बदलाव, MSP की कानूनी गारंटी, फसल बीमा योजना में सुधार, बिजली कटौती रोकने और किसानों को बेहतर सुविधाएं देने जैसी मांगें भी उठा रहे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर स्पष्ट फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ये भी पढ़ें: 35 करोड़ की सौगात! सबलगढ़ को मिला हाईटेक सांदीपनि स्कूल, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने किया लोकार्पण
प्रशासन के सामने चुनौती
किसानों के बड़े समूह के भोपाल की ओर बढ़ने से कुछ इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है। ओबैदुल्लागंज-भोपाल मार्ग और अन्य रास्तों पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन के सामने अब कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ यातायात को सामान्य रखने की भी चुनौती है। वहीं किसान संगठन लगातार सरकार से अपनी मांगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।











