MP Weather:मध्य प्रदेश में फिर एक्टिव हुआ मानसून, 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जानिए आपके जिले का मौसम

मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले कुछ दिनों से कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में कुछ जिलों में तेज से लेकर बहुत तेज बारिश हो सकती है। हालांकि बारिश का दौर शुरू हो गया है, लेकिन पूरे प्रदेश में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। ऐसे में किसानों और आम लोगों की नजर अब आने वाले कुछ दिनों के मौसम पर टिकी हुई है।
इन 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे मध्य प्रदेश के कई जिलों के लिए अहम रहने वाले हैं। विभाग ने सतना, कटनी, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, रायसेन और बैतूल जिलों में भारी से अति भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 64.5 मिमी से लेकर 115.5 मिमी या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश की वजह से निचले इलाकों में जलभराव और छोटी नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। इसलिए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
भोपाल समेत कई शहरों में होगी बारिश
राजधानी भोपाल में सुबह से ही मौसम बदला हुआ है। कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम विभाग का कहना है कि भोपाल के अलावा प्रदेश के कई जिलों में भी अगले 24 घंटे तक बारिश का दौर जारी रहेगा। इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है- भोपाल, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, शहडोल, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सागर, दमोह, पन्ना, टीकमगढ़, धार, झाबुआ, खरगोन, खंडवा, देवास, रतलाम, मंदसौर और बड़वानी कुछ इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की भी आशंका है।
अच्छी बारिश के बाद भी प्रदेश में 17% कमी
बारिश बढ़ने के बावजूद मध्य प्रदेश अब भी सामान्य बारिश के आंकड़े से पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में औसतन 336.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। जबकि इस समय तक करीब 407 मिमी बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी पूरे प्रदेश में अभी भी लगभग 17 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में लगभग 20 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में करीब 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। यही वजह है कि कई जिलों के किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि खरीफ फसलों को पर्याप्त पानी मिल सके।
28 से 30 जुलाई के बीच और तेज होगा मानसून
मौसम विभाग का अनुमान है कि 28 से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश में बारिश का दौर और तेज हो सकता है। दरअसल, बंगाल की खाड़ी में गहरा कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह सिस्टम पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा के पास सक्रिय है और धीरे-धीरे झारखंड तथा छत्तीसगढ़ होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है। इस मौसम प्रणाली के असर से मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। अगर अनुमान सही रहा तो प्रदेश में बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।
जुलाई में भी कमजोर रहा मानसून
इस साल मानसून की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। जून महीने में प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हुई। इसके बाद जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश देखने को मिली, लेकिन महीने के अंतिम दिनों में फिर बारिश की रफ्तार धीमी पड़ गई। इसी वजह से प्रदेश दोबारा वर्षा के घाटे में पहुंच गया। आमतौर पर पूरे मानसून की करीब 40 प्रतिशत बारिश जुलाई में होती है, लेकिन इस बार अब तक यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है।
क्यों बदला मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल मानसून ट्रफ श्योपुर, दतिया और सीधी जिलों के ऊपर से गुजर रही है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार नमी पहुंचा रहा है। इसी वजह से पूरे मध्य प्रदेश में बादलों की आवाजाही बनी हुई है और कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। यही मौसम प्रणाली अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में सक्रिय रहने की संभावना है।
कई राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी 1 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम का ताजा अपडेट देखते रहने की सलाह दी गई है।











