राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर तीखा हमला :बोले- मेट्रो-इंटरनेट, खाना सब बंद कर दिया... लेकिन पेपर लीक नहीं रोक पाए

नई दिल्ली। देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर जारी विवाद के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को लगातार दूसरे दिन केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि, सरकार ने छात्रों के आंदोलन को रोकने के लिए मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए, इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दीं, रास्तों पर रोक लगा दी और खाने तक की व्यवस्था प्रभावित कर दी, लेकिन सबसे बड़ी समस्या यानी पेपर लीक रोकने में पूरी तरह नाकाम रही।
राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग दोहराते हुए कहा कि केवल मंत्रालय बदल देने से जवाबदेही खत्म नहीं होगी। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदारी तय होना जरूरी है।
दूसरे दिन भी प्रेस कॉन्फ्रेंस, छात्रों के साथ पहुंचे राहुल गांधी
राहुल गांधी ने शनिवार को दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उनके साथ कई छात्र भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को वह एक ऐसे छात्र को मीडिया के सामने लाए थे जिसकी आंख आंदोलन के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गई।
राहुल गांधी ने कहा कि, कल मैंने आपको एक ऐसे युवक को दिखाया था जिसकी आंख में गोली लगी थी। ऐसे हजारों युवा हैं जिनकी टांगें लाठियों से तोड़ी गईं, जिनके सिर फोड़ दिए गए और जिनके शरीर में पेलेट्स लगे। इसकी योजना बनाने वालों को सजा मिलनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के अतीत हैं और भविष्य की चुनौतियों का सामना पुरानी सोच से नहीं किया जा सकता।
X पर लिखा- 'सब बंद कर दिया, लेकिन पेपर लीक नहीं रोक पाए'
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि सरकार ने अपना अधिकार मांग रहे छात्रों के खिलाफ कठोर कदम उठाए।
उनके पोस्ट का सार यह था कि,
- मेट्रो बंद कर दी गई।
- कई रास्तों पर आवाजाही रोक दी गई।
- दुकानें बंद करवाई गईं।
- इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दी गईं।
- खाने तक की व्यवस्था प्रभावित हुई।
लेकिन इन सबके बावजूद सरकार बार-बार होने वाले पेपर लीक को रोकने में असफल रही।
'धर्मेंद्र प्रधान को हटाना ही होगा'
राहुल गांधी ने कहा कि, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान परीक्षा व्यवस्था की विफलता का प्रतीक बन चुके हैं और उन्हें पद छोड़ना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा मंत्री का मंत्रालय बदलने पर विचार कर सकती है, लेकिन इससे जवाबदेही खत्म नहीं होगी। उनका कहना था कि, देशभर में छात्र सड़कों पर हैं और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
घायल छात्र को फिर बनाया मुद्दा
राहुल गांधी ने एक बार फिर उस छात्र का मामला उठाया जो 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान घायल हुआ था। उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन में तिरंगा लेकर शामिल हुआ था, लेकिन उसकी आंख गंभीर रूप से घायल हो गई। राहुल ने दावा किया कि, सरकार कह रही है कि पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, जबकि छात्र की आंख की रोशनी चली गई है।
क्या है घायल छात्र का मामला?
राहुल गांधी जिस छात्र का जिक्र कर रहे हैं, उसका नाम साहिल लोचाब बताया गया है। साहिल दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) के छात्र हैं और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले हैं।
20 जुलाई के प्रदर्शन के बाद बढ़ी सुरक्षा
20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए छात्र मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था। इसके बाद राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। शनिवार को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री और एग्जिट अस्थायी रूप से बंद कर दी। हालांकि कुछ बड़े इंटरचेंज स्टेशनों पर ट्रेन बदलने की सुविधा जारी रही।
बंद किए गए प्रमुख मेट्रो स्टेशन
मेट्रो स्टेशन
- लोक कल्याण मार्ग
- नई दिल्ली
- राजीव चौक
- पटेल चौक
- रामकृष्ण आश्रम मार्ग
- बाराखंभा रोड
- सुप्रीम कोर्ट
- सेवा तीर्थ
- जनपथ
- मंडी हाउस
- सेंट्रल सेक्रेटेरिएट
- आईटीओ
- दिल्ली गेट
- इंद्रप्रस्थ
- खान मार्केट
- जोर बाग
- शिवाजी स्टेडियम
- झंडेवालान
पैलेट गन को लेकर फिर छिड़ी बहस
घायल छात्रों के मुद्दे के बाद एक बार फिर पैलेट गन के इस्तेमाल पर सवाल उठने लगे हैं।
पैलेट गन क्या होती है?
|
बिंदु |
जानकारी |
|
प्रकार |
भीड़ नियंत्रण में इस्तेमाल होने वाला कम घातक हथियार |
|
एक बार में |
लगभग 400-500 छोटे छर्रे निकलते हैं |
|
सबसे ज्यादा खतरा |
आंख, चेहरा और गर्दन पर चोट |
|
भारत में शुरुआत |
2010 में जम्मू-कश्मीर में |
|
विवाद |
मानवाधिकार संगठनों ने इसे "ब्लाइंडिंग वेपन" बताया |
|
वर्तमान स्थिति |
भारत में प्रतिबंधित नहीं, अंतिम विकल्प के रूप में इस्तेमाल |
पेपर लीक पर सरकार और CJP के बीच बातचीत जारी
इस पूरे विवाद के बीच सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का दौर भी जारी है। बताया जा रहा है कि कुछ मांगों पर सकारात्मक सहमति बनी है, लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर अभी भी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर शनिवार को दोनों पक्षों के बीच एक और बैठक प्रस्तावित है।
पीएम मोदी ने भी दिया था संदेश
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मुद्दे पर वीडियो संदेश जारी कर कहा था कि सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट, सख्त कानूनी कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में सुधार जैसे उपायों की बात कही थी।
फिलहाल विवाद के मुख्य मुद्दे
|
मुद्दा |
स्थिति |
|
पेपर लीक |
विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर |
|
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा |
विपक्ष और CJP की प्रमुख मांग |
|
छात्र आंदोलन |
दिल्ली समेत कई जगह प्रदर्शन जारी |
|
सरकार-CJP वार्ता |
कई दौर की बातचीत जारी |
|
परीक्षा सुधार |
सरकार सुधारों का दावा कर रही है |
|
राजनीतिक टकराव |
सरकार और विपक्ष आमने-सामने |











