सर्चिंग और डेटा कलेक्शन के लिए रोबोट डॉग व न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट का मॉडल किया पेश

जंबूरी मैदान पर आयोजित 11वें भोपाल विज्ञान मेले का पहला दिन नवाचार और स्वदेशी विज्ञान के संगम पर आधारित रहा। इसमें स्कूली और कॉलेज स्टूडेंट्स ने बढ़-चढ़कर अपने वैज्ञानिक प्रादर्शों का प्रस्तुतीकरण किया। मेले में 150 से अधिक वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत किए गए। इस दौरान विज्ञान प्रतिभा पुरस्कार सत्र में एम्प्री के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एन. सतीश ने छात्रों के रोचक प्रश्नों के उत्तर दिए। तीसरे सत्र में मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना पर भी व्याख्यान हुआ।
इसमें विज्ञान के क्षेत्र में युवाओं के लिए कॅरियर निर्माण के बारे में बात की। मेले में डीएई, इसरो, एनटीपीसी, एनएचडीसी, सीएसआईआर के नवाचारों को प्रदर्शित किया गया है। ‘विकसित भारत 2047, का आधार: विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार’ विषय पर केंद्रीय यह मेला 30 दिसंबर तक चलेगा।
इसरो के 21 सेंटर पॉइंट के बारे में दी जानकारी : इसरो के स्टॉल में मंगल ऑर्बिटर मिशन का मॉडल भी प्रस्तुत किया है। यहां पीएसएलवी (पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल) का मॉडल भी शामिल है। इसके साथ ही इसरो के 21 सेंटर पॉइंट को जानने के बारे में बारीकी से मिलेगा। वहीं, आदित्य एल-1, चंद्रयान, गगनयान सहित इसरो के अन्य मिशन के बारे में जानकारी इसरो के स्टॉल पर उपलब्ध है।
ऊष्मा और भाप से बनेगी बिजली
सीहोर के कन्या शिक्षा परिसर की छात्राओं ने न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट का मॉडल तैयार किया है। छात्राओं ने बताया कि उन्होंने इस मॉडल को दो दिन में तैयार किया है। इस मॉडल में ऊष्मा और भाप के जरिए बिजली उत्पादन करने का कॉन्सेप्ट प्रदर्शित किया। इसका उद्देश्य विद्युत ऊर्जा का विकास, सबसे सस्ता और उपयोगी ऊर्जा स्त्रोत, कम समय में अधिक ऊर्जा का उत्पादन करना है। इससे देश की बढ़ती बिजली की डिमांड की आपूर्ति और प्रदूषण मुक्त बिजली उत्पादन भी संभव हो सकेगा।
आर्मी भी कर सकती है रोबोट डॉग का इस्तेमाल
आईआईएसईआर के सैफ खान ने विज्ञान मेले में रोबोट डॉग प्रदर्शित किया है। इस डॉग का इस्तेमाल सर्चिंग, डेटा कलेक्शन के लिए किया जा सकता है। इसके साथ ही डॉग के ऊपर हथियार लगाकर इसका आर्मी में भी इस्तेमाल हो सकता है। इसमें लगाई गई 5000 एमएएच की बैटरी से 20 मिनट तक इसको चलाया जा सकता है। इस रोबोट डॉग में चार कैमरे लगे हुए हैं। इसके अलावा इसमें सेंसर भी लगाए जा सकते हैं। यह संभावित करीब 5 किमी तक का वजन उठा सकता है। इसकी रेंज करीब 200 मीटर है।





















