Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

पति-पत्नी के पारिवारिक रिश्ते बचाने का प्रयास कर रही पुलिस

थानों में अलग से गठित की गई टीम, परामर्श केंद्र बंद, हर माह टूट रहे करीब 100 परिवारों को जोड़ने की पहल
Follow on Google News
पति-पत्नी के पारिवारिक रिश्ते बचाने का प्रयास कर रही पुलिस
सिद्धार्थ तिवारी-जबलपुर। पति-पत्नी के बिगड़ते रिश्तों में मधुरता लाने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुलिस ने परामर्श केंद्र खोला, लेकिन यह केंद्र पांच माह से बंद है। लिहाजा पीड़ित दंपति थाने पहुंच रहे हैं। हालात ये हैं कि अब तक जिले के सभी थानों और चौकियों में ऐसे प्रकरणों की लगभग 658 शिकायतें पहुंच चुकी हैं। ये आंकड़े चौंकाने वाले हैं। इस तरह हर माह औसतन 132 परिवार टूट की कगार पर पहुंचकर थानों में शिकायत कर रहे हैं। इन रिश्तों को बचाने पुलिस प्रयास कर रही है। थानों में एसपी की पहल पर शिकायतों को सुनने के लिए अलग से टीम बनाई गई है। इनमें पीड़िता की शिकायत महिला एसआई या महिला टीआई ही सुनती हैं।

दूसरे विवाह का बढ़ा चलन

बदलते समाज में यह बातें भी सामने आ रही हैं कि कम उम्र में रिश्ता टूट जाने के बाद महिला और पुरुष दोनों ही दूसरे रिश्ते की तलाश में होते हैं। इसके बाद वह दूसरी शादी कर लेते हैं। लेकिन उनके पहले से ही बच्चे होते हैं, जिसकी जिम्मेदारियां उठाने को लेकर फिर से उनमें विवाद हो जाता है और फिर दूसरा विवाह भी टूटने की कगार तक पहुंच जाता है।

केस-1

संजीवनी नगर क्षेत्र की एक महिला का वहीं के युवक से दूसरा विवाह हुआ। दोनों की बेटियां है, जिसके बाद महिला ने अपनी बेटी को मायके भेज दिया और पति से अलग रहने के लिए कहने लगी। नहीं मानने पर विवाद होने लगा। काउंसिलिंग जारी है।

केस-2

विजय नगर क्षेत्र में रहने वाली एक महिला के विवाह को 5 साल हुए थे, जिसके बाद उसका तलाक हो गया। उसका पहले पति से एक साढ़े 3 साल का बच्चा है, जिसके बाद उसने दूसरा विवाह किया। उसके भी बच्चे हैं, थाने में काउंसिलिंग हो रही है। थानों में पारिवारिक विवाद के मामले आ रहे हैं, जिसमें सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह इसमें काउंसलिंग कर रिश्ते टूटने से बचाने का प्रयास करें। - आदित्य प्रताप सिंह, एसपी जबलपुर धैर्यता की कमी के साथ एक दूसरे से अपेक्षा अधिक हो गई है। बच्चों की जिम्मेदारी लेना नहीं चाहते। इन कारणों से रिश्ते टूट रहे हैं। काउंसलिंग से बहुत मामलों में हल निकल जाता है। - अंशुमान शुक्ला, प्रधान परामर्शदाता, फैमिली कोर्ट, जबलपुर
People's Reporter
By People's Reporter

Latest Posts