दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे आर्च ब्रिज का उद्घाटन, कश्मीर अब ट्रेन से सिर्फ 3 घंटे दूर, पीएम मोदी ने वंदे भारत को दिखाई हरी झंडी
- दुनिया का सबसे ऊंचा चिनाब रेलवे आर्च ब्रिज और भारत का पहला केबल-स्टे रेल पुल ‘अंजी’ राष्ट्र को समर्पित

श्रीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में देश की सबसे अहम रेल परियोजनाओं का उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज और देश के पहले केबल-स्टे ‘अंजी ब्रिज’ का उद्घाटन किया। साथ ही उन्होंने कटरा से श्रीनगर के बीच कश्मीर की पहली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इसके अलावा पीएम मोदी ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वालों पर कयामत बरसाई गई है और भारत विकास के मार्ग से पीछे नहीं हटेगा।
पीएम इंजन वाले डिब्बे में हुए सवार
चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल 8 साल से अधिक समय में 1,486 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ है। चिनाब पुल के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर में अंजी नदी पर बने भारत के पहले ‘केबल-स्टे' रेलवे पुल का उद्घाटन किया। इससे पहले, मोदी रेल के इंजन वाले डिब्बे में सवार होकर उद्घाटन स्थल पर पहुंचे। इस अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला उपस्थित थे।पाक पर तीखा हमला, कहा- आतंकवाद पर बरसाई कयामत
कटरा में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, 22 अप्रैल को पहलगाम में जो हुआ वह पाकिस्तान की कश्मीरियत और इंसानियत पर हमला था। हमने 6 मई को उस पर कयामत बरसा दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने कश्मीर के मेहनतकश लोगों की रोज़ी-रोटी को निशाना बनाया क्योंकि यहां टूरिज्म फल-फूल रहा था।
चिनाब ब्रिज से कश्मीर को नई रफ्तार
प्रधानमंत्री मोदी ने चिनाब ब्रिज पर तिरंगा लेकर चलते हुए इसका उद्घाटन किया। यह दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है, जिसकी ऊंचाई एफिल टॉवर से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि “अब लोग चिनाब ब्रिज देखने कश्मीर आएंगे, यह एक नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनेगा।”अंजी पुल का उद्घाटन, इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना
पीएम मोदी ने देश के पहले केबल-स्टे रेल पुल अंजी ब्रिज का उद्घाटन किया। यह पुल चिनाब ब्रिज से लगभग 7 किलोमीटर दूर अंजी नदी पर बना है। इसकी ऊंचाई करीब 331 मीटर है और यह 1086 फीट ऊंचे टावर से सहारा लेता है।
वंदे भारत ट्रेन से तीन घंटे में कटरा से श्रीनगर का सफर
पीएम मोदी ने कटरा से श्रीनगर के लिए चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन 7 जून से शुरू होगी और सप्ताह में 6 दिन चलेगी। पहले जहां जम्मू से श्रीनगर का सफर 8–10 घंटे में पूरा होता था, अब यह महज 3 घंटे में होगा। ट्रेन सिर्फ बनिहाल स्टेशन पर रुकेगी। पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने लंबे समय तक रेल कनेक्टिविटी का सपना देखा था। अब ये सपना हकीकत में बदला है। उन्होंने कहा कि यहां के नौजवान अब नए सपने देख रहे हैं और आतंकवाद को पीछे छोड़ भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।पीएम ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
मोदी ने कहा कि बीते 11 साल गरीब कल्याण के लिए समर्पित रहे। उन्होंने उज्ज्वला योजना, आयुष्मान योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन की सफलताओं का जिक्र किया। साथ ही कहा कि जम्मू-कश्मीर में अब IIT, IIM और AIIMS जैसे संस्थान भी मौजूद हैं।उमर अब्दुल्ला बोले, मोदी जी से ही राज्य का दर्जा लौटेगा
कार्यक्रम में मौजूद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मज़ाकिया लहजे में कहा, “पहले मैं राज्य का मुख्यमंत्री था, अब केंद्र शासित प्रदेश का हूं। लेकिन मुझे उम्मीद है कि राज्य का दर्जा भी मोदी जी के हाथों ही वापस मिलेगा।”वास्तुकला का अद्भुत नमूना चिनाब रेलवे ब्रिज (Chenab Rail Bridge)
- यह पुल चिनाब नदी तल से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है - जो एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है।
- इसकी कुल लंबाई 1,315 मीटर है और यह आर्च ब्रिज (मेहराबदार पुल) है।
- इसे भूकंप, तेज़ हवाओं और अन्य प्राकृतिक आपदाओं को झेल सकने के हिसाब से डिज़ाइन किया गया है।
- यह कटरा से बनिहाल के बीच 111 किमी के रेल मार्ग में एक अहम कड़ी है।
- इस पुल के निर्माण को 2002 में मंजूरी मिली, लेकिन काम 2017 में शुरू हो पाया।
- पुल स्थल तक पहुंचने के लिए 26 किमी लंबी सड़क और 400 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया गया।
- पुल का 467 मीटर लंबा मेहराब जोड़ना सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसमें सटीकता सबसे अहम रही।
- मेहराब के दोनों सिरों को बिना किसी त्रुटि के बिल्कुल सटीक मिलाना इंजीनियरिंग की बड़ी उपलब्धि रही।
अंजी पुल (Anji Khad Bridge)
- चिनाब ब्रिज के बाद अंजी पुल जम्मू-कश्मीर का दूसरा सबसे ऊंचा रेलवे पुल है।
- यह भारत का पहला केबल-स्टे रेलवे पुल है।
- अंजी खड्ड पर मेहराब वाला पुल बनाने की योजना को भूगर्भीय अस्थिरता के चलते बदलकर केबल-स्टेड ब्रिज बनाया गया।
- पुल की कुल लंबाई 725 मीटर और डेक की चौड़ाई 15 मीटर है।
- यह तेज तूफानों, हवाओं और विस्फोटों को झेलने में सक्षम है।
- पुल 82 मीटर से 295 मीटर लंबाई के 96 केबल्स पर टिका हुआ है।





















