
नई दिल्ली। ओडिशा के बालासोर रेल हादसे की जांच का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। विशाल तिवारी नाम के एक वकील ने मामले को लेकर याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ पैनल बनाया जाए, जो बालासोर ट्रेन दुर्घटना की जांच करे। याचिका में दुर्घटना से बचाने वाले ‘कवच’ सिस्टम को भी जल्द से जल्द लागू करने की मांग की है।
A PIL has been filed in the Supreme Court seeking a probe into the Balasore train accident by an expert panel headed by a retired judge of the Supreme Court.
PIL also seeks guidelines/directions for the implementation of the Automatic Train Protection (ATP) System called KAVACH… pic.twitter.com/ciu9a0jURN
— ANI (@ANI) June 4, 2023
LIC का ऐलान- क्लेम प्रॉसेस बनाएंगे आसान
बालासोर रेल हादसे में जान गंवाने वालों को लेकर भारतीय जीवन बीमा निगम ने बड़ा ऐलान किया है। एलआईसी ने क्लेम प्रॉसेस को आसान बनाए जाने का ऐलान किया है। इससे पीड़ितों को राहत मिलेगी। एलआईसी के चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने पीड़ितों के परिजनों के लिए क्लेम सेटलमेंट प्रॉसेस में कई तरह की राहत देने का ऐलान किया है और ये भी कहा है कि एक स्पेशल कॉल सेंटर नंबर भी जारी किया गया है।
रेल मंत्री ने बताया हादसे का कारण
ओडिशा के बालासोर में दो जून को हुए रेल हादसे में 288 लोगों की मौत हो गई और एक हजार से ज्यादा लोग घायल हो गए। हादसे का कारण पता चल गया है। रेल मंत्री ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि, यह हादसा इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव के कारण हुआ। हमने जिम्मेदारों की भी पहचान कर ली है, उनपर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम वह होता है जिसमें ट्रेन का ट्रैक तय किया जाता है। इसके साथ ही रेल मंत्री ने कहा कि हादसे का कवच सिस्टम से कोई लेना-देना नहीं है।
दिल्ली से चिकित्सकों का दल भुवनेश्वर भेजा गया
नई दिल्ली स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और केंद्र सरकार के अन्य अस्पतालों के चिकित्सकों का एक दल ओडिशा रेल हादसे में घायल हुए लोगों को चिकित्सकीय मदद मुहैया कराने के लिए भारतीय वायुसेना के एक विशेष विमान से भुवनेश्वर भेजा गया है। यह दल दवाइयां और अन्य अहम चिकित्सकीय उपकरण लेकर गया है।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, हादसा बालासोर के बहानगा बाजार स्टेशन के पास शाम करीब 7 बजे हुआ। रेलवे के मुताबिक कोलकाता-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस और यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस बहानगा स्टेशन के पास डिरेल हो गई थीं। इसके बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन पास के ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई। रेल मंत्री ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। हादसे के बाद 18 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया जबकि कई ट्रेनों का रास्ता बदला गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पहले यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस डिरेल हुई थी। इसके कुछ डिब्बे दूसरी पटरी पर पलटे और दूसरी तरफ से आ रही शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस से टकरा गए। इसके बाद कोरोमंडल ट्रेन की भी कुछ बाोगियां पटरी से उतर गईं। ये बोगियां दूसरे ट्रैक पर मालगाड़ी से टकरा गईं। कुछ बोगियां मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गईं।
उड़ गई पटरी, अलग हो गए पहिए
तीन ट्रेनों की टक्कर इतनी भयानक और भीषण है की रेल ट्रैक पर कई किलोमीटर पटरी गायब है। भीषण टक्कर के बाद पटरी टूटकर दूर जा गिरी। ट्रेन की बोगियों से पहिये अलग हो चुके हैं, बोगियां पिचक गईं थीं और ट्रेन के दोनों पहिये अलग हो गए। टक्कर के बाद स्टील की बोगियां खिलौने जैसी पिचकी पड़ी थीं। राहतकर्मी गैस कटर से बोगी काट काटकर अलग कर रहे हैं और उसमें फंसे लोगों को निकाल रहे हैं। अंदर का दृश्य बेहद भयावह है।