पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आईटी सेल प्रमुख के ठिकानों पर गुरुवार को हुई ईडी (ED) की छापेमारी के विरोध में पार्टी ने दिल्ली से कोलकाता तक विरोध किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई के खिलाफ न सिर्फ सड़क पर उतरकर मार्च निकाला, बल्कि ED पर दो एफआईआर भी दर्ज कराई हैं।
मेरे पास शाह के खिलाफ पेन ड्राइव है- ममता
कोलकाता में प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि उनके पास गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ पेन ड्राइव मौजूद हैं। ममता ने कहा कि कोयला घोटाले की रकम दिल्ली में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचती है, और इसके सबूत उनके पास हैं।ममता बनर्जी ने कहा,“मेरे पास सबूत हैं। जरूरत पड़ी तो मैं इन्हें जनता के सामने पेश करूंगी।”
आगे उन्होंने आरोप लगाया, कि “कोयला घोटाले का पैसा सुवेंदु अधिकारी ने इस्तेमाल किया और अमित शाह को भेजा। मैं आमतौर पर प्रतिक्रिया नहीं देती, लेकिन अगर कोई मुझे छेड़ता है तो मैं छोड़ती नहीं हूं।”
हाईकोर्ट में सुनवाई टली
इधर, कलकत्ता हाईकोर्ट ने कोर्ट परिसर में भारी भीड़ और हंगामे की स्थिति को देखते हुए ईडी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई टाल दी है। ईडी ने अपनी याचिका में ममता बनर्जी के खिलाफ छापेमारी के दौरान हस्तक्षेप करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। फिलहाल, ईडी की कार्रवाई और ममता बनर्जी के आरोपों के बाद बंगाल की राजनीति में टकराव और तेज हो गया है, और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
ममता बनर्जी के बयान की बड़ी बातें-
- ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग में बैठे एक अधिकारी पहले गृह मंत्री अमित शाह के सहयोग विभाग के सचिव रह चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इससे कोई निजी आपत्ति नहीं है, लेकिन आरोप लगाया कि भाजपा ने हरियाणा और बिहार में जबरन सत्ता हासिल की और अब वही तरीका पश्चिम बंगाल में अपनाने की कोशिश की जा रही है।
- मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर स्थानीय लोगों को परेशान किया जा रहा है। बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं तक को नहीं छोड़ा गया। उन्होंने कहा कि बंगाली भाषा बोलने वालों को बांग्लादेशी बताया जा रहा है। ममता ने सवाल उठाया कि जब भाजपा रोहिंग्याओं की बात करती है, तो असम में मौजूद रोहिंग्याओं पर SIR क्यों लागू नहीं किया गया।
- ममता बनर्जी ने दावा किया कि ईडी ने छापेमारी के दौरान तृणमूल कांग्रेस का पार्टी डेटा और चुनावी रणनीति चुराने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि वह खुद ईडी की कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद थीं और इस दौरान उन्होंने कोई भी गलत काम नहीं किया।