Naresh Bhagoria
9 Jan 2026
Manisha Dhanwani
9 Jan 2026
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को अंकिता भंडारी प्रकरण की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराए जाने की सिफारिश कर दी । मुख्यमंत्री ने यह घोषणा करते हुए कहा कि दिवंगत अंकिता भंडारी के माता–पिता के अनुरोध एवं उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI से जांच कराए जाने की संस्तुति की है । धामी ने कहा कि हाल में उन्होंने अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की थी और इस दौरान उन्होंने मामले की CBI जांच कराए जाने का अनुरोध किया था।
सीएम पुष्कर धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है एवं आगे भी रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी भेदभाव के पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई आरंभ की और मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया । उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से जुड़े सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसके परिणामस्वरूप मामले के तीनों दोषियों को निचली अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
सीएम धामी ने कहा कि पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है। हाल में सोशल मीडिया पर प्रसारित ‘ऑडियो क्लिप’ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और उनकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी।
सीएम धामी ने कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी। धामी ने कहा कि राज्य सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ अंकिता को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी । अंकिता हत्याकांड में कथित 'वीआईपी' को लेकर हाल में हुए खुलासों के बाद राज्य की राजनीति में तूफान आ गया था और कांग्रेस समेत तमाम राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन सीबीआई जांच की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे।