इंदौर। शहर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का कहर एक बार फिर सामने आया है। अमर नगर क्षेत्र में बियाबानी निवासी हुसैन भाई अपने काम से निकलकर जा रहे थे, तभी बियाबानी पोस्ट ऑफिस के पास चाइनीज मांझे की तेज धार वाली डोर उनकी गर्दन में फंस गई। पल भर में उनकी गर्दन बुरी तरह कट गई और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद उनके परिचित यूजेफा भाई पाटन वाला तत्काल उन्हें पास के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने गर्दन में टांके लगाए। समय पर इलाज नहीं मिलता तो यह हादसा जानलेवा भी साबित हो सकता था।
यह कोई पहली घटना नहीं है। शहर में पहले भी कई लोग चाइनीज मांझे के शिकार हो चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध का जमीन पर कोई असर नजर नहीं आ रहा। चोरी-छिपे इस खतरनाक डोर की बिक्री जारी है और उससे भी अधिक लापरवाह वे लोग हैं, जो इसे उड़ाकर सड़कों पर चलने वाले नागरिकों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल बेचने वालों पर ही नहीं, बल्कि चाइनीज मांझे का इस्तेमाल करने वालों पर भी उतनी ही सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यह सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि दूसरों की जान से खुला खिलवाड़ है।
इस हादसे ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि चाइनीज मांझा किसी मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि चलती-फिरती मौत है। अगर समय रहते सख्ती नहीं की गई, तो ऐसे हादसों की संख्या और बढ़ना तय है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस बार जागेगा या अगली घटना का इंतजार करेगा?