पुलिस जांच के बाद थाना चाम्पा में इस मामले को अपराध क्रमांक 450/2025 के तहत दर्ज किया गया था। आरोपी विधायक बालेश्वर साहू और गौतम राठौर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 34 के अंतर्गत प्रकरण कायम कर विस्तृत विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान दस्तावेजों, लेन-देन और अन्य साक्ष्यों का संकलन किया गया, जिसमें दोनों आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रमाणित पाए गए।
कोर्ट में चालान पेश
मामले की विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने 9 जनवरी 2026 को माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) न्यायालय में अभियोग पत्र (चालान) पेश किया। न्यायालय द्वारा चालान स्वीकार किए जाने के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ जेल वारंट जारी किए गए।
कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
अभियोग पत्र पेश होने के बाद विधायक बालेश्वर साहू की ओर से उसी न्यायालय में रेगुलर बेल के लिए आवेदन किया गया। हालांकि, जिसे न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर विधायक बालेश्वर साहू को जिला जेल भेज दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी। वहीं, एक मौजूदा विधायक की गिरफ्तारी के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।




















