प्रभा उपाध्याय
इंदौर। इंदौर का एक ऐसा मंदिर जिसकी परंपरा पूरे प्रदेश में अनोखी है। यहां भक्त भगवान गणेश को न केवल चिट्ठियां लिखते हैं, बल्कि फोन पर अपनी मनोकामना भी बताते हैं। यह मंदिर करीब 1200 साल पुराना चिंतामण गणेश मंदिर है, जो आस्था और विश्वास का अद्वितीय केंद्र माना जाता है। पिछले 50 सालों से भक्त भगवान को चिट्ठी भेजते आ रहे हैं। हर महीने विदेशों में रहने वाले श्रद्धालु भी अपनी मनोकामनाएं पत्र लिखकर भेजते हैं। इन चिट्ठियों को भगवान गणेश के सामने पढ़ा जाता है। खास बात यह है कि जिनकी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं, वे यहां आकर दान भी करते हैं।
चिट्ठियों के साथ-साथ प्रतिदिन 10 से 15 फोन कॉल भी भगवान गणेश के लिए आते हैं। जब पूजा या आरती के समय फोन आता है तो पुजारी मोबाइल भगवान के कानों के पास ले जाते हैं। भक्त अपनी समस्या या इच्छा बताते हैं और विश्वास रखते हैं कि गणेशजी उनकी बात सीधे सुनते हैं और पूरा भी करते हैं।
मंदिर के मुख्य पुजारी मनोहर लाल पाठक बताते हैं कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, दुबई और इंग्लैंड से हमारी पास चिट्ठियों के साथ फोन कॉल भी आते हैं। उनकी जो भी मनोकामना होती है चिट्ठी भगवान को पढ़कर बताते हैं या फोन आता है तो गणेश जी के कान के पास लगा देते हैं। कई लोगों की मनोकामनाएं पूर्ण हुई हैं।
-व्यापारी आयुष जायसवाल ने अपना अनुभव बताया-व्यापार में नुकसान के साथ कर्ज बढ़ रहा था। कई पंडितों से मिला कई उपाय भी किए लेकिन कुछ नहीं हुआ। फिर इस मंदिर के बारे में सुना। मैंने पुजारी को फोन लगाया और अपनी मनोकामना गणेश जी को बता दी। तीन-चार महीने बाद चमत्कार हुआ और व्यापार अच्छा चलने लगा।