Delhi Pollution : प्रदूषण सर्टिफिकेट के बिना अब नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, सिर्फ BS-6 वाहन ही चल सकेंगे

नई दिल्ली। दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सरकार कड़े कदम उठा रही है। जहां मंगलवार दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को भी जहरीले स्मॉग की घनी परत छाई रही, जिससे वायु गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर बनी हुई है। लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए सरकार ने प्रदूषण पर सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को घोषणा की कि 18 दिसंबर से वैध PUC (Pollution Under Control Certificate) यानी प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के बिना किसी भी वाहन को डीजल या पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। यह कदम वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर अंकुश लगाने और हवा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से उठाया गया है।
केवल BS-6 गाड़ियों को मिलेगा प्रवेश
जिससे अब दिल्ली में अब केवल BS-6 वाली गाड़ियों को ही एंट्री मिलेगी। इसके अलावा अन्य सभी श्रेणी की गाड़ियों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही राजधानी में कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है। निर्माण सामग्री ले जा रहे वाहनों पर भी सख्ती की जाएगी। जिसके तहत नियमों का उल्लंघन करने पर उनके चालान काटे जाएंगे। सरकार ने यह कदम बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए उठाया गया है।
228 उड़ाने रद्द, 250 देरी से चल रही
उधर, घनी धुंध के चलते दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) पर उड़ान संचालन बुरी तरह प्रभावित रहा। सोमवार और मंगलवार को मिलाकर विभिन्न एयरलाइंस ने दिल्ली एयरपोर्ट से कुल 228 फ्लाइट्स रद्द कर दीं, जबकि 5 उड़ानों को अन्य एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा। इसके अलावा करीब 250 फ्लाइट्स अपने निर्धारित समय से देरी से रवाना हुईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानवरों पर भी पड़ रहा असर
प्रदूषण का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पालतू जानवरों और पक्षियों पर भी साफ तौर पर नजर आने लगा है। पशु चिकित्सकों के मुताबिक, जानवरों में सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, संक्रमण और पेट से जुड़ी बीमारियों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि पीएम 2.5 जैसे बेहद सूक्ष्म कण जानवरों के फेफड़ों के जरिए खून में पहुंच जाते हैं, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ रही है और वे जल्दी बीमार हो रहे हैं।




















