भोपाल :मंत्रालय में अफसरों से मिलना हुआ कठिन, लोगों को कराया जाता है घंटों इंतजार

पुष्पेंद्र सिंह,भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन सुशासन पर जोर दे रहे हैं। लेकिन वल्लभ भवन मंत्रालय में बड़े अफसरों से मुलाकात को लेकर प्रदेश के कोने-कोने से आने वाले लोग परेशान हो रहे हैं। कारण एक ही है कि कोई अफसर दोपहर के पहले मिलने का समय दे रहा तो कोई शाम चार बजे के बाद। ऐसे में एक व्यक्ति को मुलाकात के नाम पर पूरा दिन मंत्रालय में भटकना पड़ता है।
पहला उदाहरण
शुक्रवार को सिंगरौली से आए तिवारी जी (नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त) एसीएस स्वास्थ्य अशोक बर्णवाल से मुलाकात करने दोपहर 12.30 बजे मंत्रालय पहुंचे। एक-एक करके पांच लोग और आ गए। सभी की पर्ची भी पहुंच गईं लेकिन दोपहर एक बजे के बाद तक इंतजार करते रहे। हर बार भृत्य से जवाब मिलता, साहब कंप्यूटर पर काम कर रहे हैं।
दूसरा उदाहरण
गृह विभाग की अपर सचिव मनीषा सेतिया से मुलाकात का समय शाम 4 से 5 बजे है। गुना से आए रघुवीर जादौन ने दोपहर एक बजे पर्ची भेजी तो होमगार्ड के सैनिक ने सीधे मना कर दिया। अपर मुख्य सचिव और सचिव के चेंबर के सामने मुलाकात के लिए कोई समय तय नहीं है।
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जनजाति कार्य विभाग में भेंट के लिए दो अवसर
इधर, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा ने मिलने का समय दोपहर 1 से 1.30 और शाम 5 से 5.30 बजे तक की सूचना लगा रखी है। इसी विभाग की अपर सचिव नेहा मारव्या ने भी यही दो समय मुलाकात के लिए तय किए हैं।
स्वास्थ्य विभाग में कड़े नियम
स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त धनराजू एस से मिलने का समय शाम 4 से 5 बजे तक है। लेकिन दो कदम पर अवर सचिव सीमा डेहरिया से मिलने का समय 3.30 से 4.30 बजे तक है। यहां सूचना लगाई गई है कि बिना अनुमति प्रवेश वर्जित है।
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इन अफसरों के चेंबर के बाहर कोई बंदिश नहीं
एसीएस वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव पशुपालन उमाकांत उमराव, पीएस सहकारिता डीपी आहूजा (दरवाजे खुले रहते हैं), सचिव श्रम रघुराज राजेंद्रन।
जीएडी के पास कोई नियम की जानकारी नहीं
पीपुल्स समाचार ने जीएडी शाखा में नियमों और मापदंडों की जानकारी ली तो बताया गया कि लिखित में कुछ नहीं है। आला अधिकारी अपनी सुविधा अनुसार मिलने का टाइम दे रहे हैं।











