खजाने की खोज में घूमे प्रतिभागी, साइंस सेंटर में दिखाए भू-वैज्ञानिक महत्व के स्थल

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर शहर के विभिन्न संग्रहालयों में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय द्वारा भोपाल स्थित विभिन्न संग्रहालयों की प्रदर्शनियों एवं धरोहरों पर आधारित ‘खजाने की खोज’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें 82 प्रतिभागियों शामिल हुए। इन सभी प्रतिभागियों को तीन प्रश्नों के सेट दिए गए, जिनमें लिखे सवालों को पढ़कर उन्हें उनके जवाब यानी खजाने के बारे में पता करना था। प्रश्न पत्र में खजाने के क्लू दिए गए थे। इस दौरान कार्यक्रम के संयोजक सुधीर श्रीवास्तव, मोहम्मद रेहान ने सभी प्रतिभागियों को बताया कि यह दौड़ नहीं है, इसमें सोच समझकर चलने वाला ही सफलता प्राप्त करेगा। इस प्रतियोगिता में अधिकतम व न्यूनतम समय सीमा निर्धारित गई थी। इस दौरान क्यूरेटर प्रो. अमिताभ पांडे ने हरी झंडी दिखाकर प्रतिभागियों को खजाने की खोज के लिए रवाना किया। वहीं संग्रहालय द्वारा 19 मई को दर्शकों को भोपाल के विभिन्न संग्रहालयों का भ्रमण मप्र राज्य पर्यटन विकास निगम के सहयोग से कराया जाएगा।
प्रश्न सेट में ऐसे दिए गए थे क्लू
1.प्रार्थना चक्र, धर्म चक्र के प्रतीक हैं। इसे समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। सैकड़ों मंत्रों से परिपूर्ण पारंपरिक लकड़ी एवं धातु से बने प्रार्थना चक्र को घुमाते हुए अपनी यात्रा को जारी रखिए एवं इसका नाम भी लिखें।
2.धार्मिक मान्यताओं में बरगद के पेड़ व दीपक का पूजा में बड़ा महत्व है। यदि दीपक ही बरगद बन जाए, 1001 शाखाएं फैला दें। यह अजूबा मानव संग्रहालय में मौजूद है, दर्शन लाभ लें एवं इसका नाम लिखें।
एग्जीबिशन में दिखाए चंबल के बीहड़, भीम बेटका रॉक शेल्टर
रीजनल साइंस सेंटर में एमपी के भू- पर्यटन स्थल पर केंद्रित एग्जीबिशन लगाई गई। इसका शुभारंभ जीएसआई राज्य इकाई के उप महानिदेशक सुभ्रासुचि सरकार ने किया। इसमें भेड़ाघाट-लम्हेटाघाट, भीम बेटका रॉक शेल्टर, चंबल के बीहड़, ढाला उल्कापिंड प्रभाव क्रेटर, घुघुआ राष्ट्रीय जीवाश्म पार्क और मझगवां हीरा खदान आदि एमपी के भू-वैज्ञानिक महत्व के स्थलों की झलक दिखाई गई। वहीं रात में साइंस सेंटर द्वारा मानव संग्रहालय में एस्ट्रो नाइट बैनर के अंतर्गत एक रात आकाश दर्शन में ‘तारे जमीं से’ कार्यक्रम हुआ। इसमें दूरबीनों के माध्यम से चंद्रमा, तारों के साथ ही खगोल विज्ञान को दिखाया और उनके बारे में जानकारी दी।





















